उत्तराखंडदेहरादून

समर वैली स्कूल प्रकरण पर महिला आयोग सख्त, आरोपी शिक्षक की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश

कुसुम कंडवाल ने एसपी जया बलूनी से की वार्ता, पॉक्सो समेत गंभीर धाराओं में दर्ज है मुकदमा

  • छात्राओं पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के आरोपों की होगी जांच, महिला आयोग अध्यक्ष स्वयं करेंगी विद्यालय का निरीक्षण 

देहरादून,(दिलीप शर्मा): देहरादून के समर वैली स्कूल में नाबालिग छात्राओं के साथ शिक्षक द्वारा कथित छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक जया बलूनी से दूरभाष पर वार्ता की और आरोपी शिक्षक के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी शिक्षक के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम समेत संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

छात्राओं के साथ अशोभनीय व्यवहार निंदनीय और अक्षम्य: कुसुम कंडवाल

महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालय में छात्राओं के साथ इस तरह का अशोभनीय व्यवहार बेहद शर्मनाक, निंदनीय और अक्षम्य है। बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करना आवश्यक है, ताकि पीड़िताओं को न्याय मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

विद्यालय प्रबंधन और आईसीसी कमेटी की भूमिका भी जांच के दायरे में

महिला आयोग अध्यक्ष ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि छात्राओं के साथ कथित तौर पर लंबे समय से हो रहे अनुचित व्यवहार की जानकारी विद्यालय स्तर पर पहले क्यों नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य पर मामले को दबाने, आरोपी शिक्षक का बचाव करने तथा छात्राओं पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि विद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की कार्यप्रणाली की भी गहनता से जांच कराई जाएगी। यदि विद्यालय प्रबंधन, संबंधित अधिकारियों या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है, तो नियमानुसार उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

महिला आयोग अध्यक्ष स्वयं करेंगी विद्यालय का निरीक्षण

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कुसुम कंडवाल ने स्वयं विद्यालय का दौरा कर घटनाक्रम की समीक्षा करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाकर छात्राओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इसके साथ ही, प्रभावित नाबालिग छात्राओं को मानसिक संबल प्रदान करने के लिए महिला आयोग की ओर से विशेष काउंसलिंग की व्यवस्था भी कराई जाएगी। इसका उद्देश्य छात्राओं को भय और मानसिक दबाव से उबारना तथा उन्हें सुरक्षित वातावरण में अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए सहयोग देना है।

बेटियों की सुरक्षा के प्रति सरकार प्रतिबद्ध, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता है। समर वैली स्कूल प्रकरण में भी महिला आयोग और पुलिस प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई कर रहे हैं।

कुसुम कंडवाल ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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