उत्तराखंडटिहरी गढ़वालसमीक्षा बैठक

बोर्डिंग स्कूलों की व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम नितिका खंडेलवाल

छात्र-छात्राओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश, पेयजल से लेकर छात्रावास की सुविधाओं तक की समीक्षा

टिहरी गढ़वाल,(दिलीप शर्मा): जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने जनपद के बोर्डिंग स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और आवश्यकताओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं दैनिक सुविधाओं के प्रति गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनपद के सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल और राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं की संख्या, शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कार्मिकों की उपलब्धता, पेयजल, छात्रावास, पुस्तकालय, भोजन व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा की गई।

विद्यार्थियों को मिले अनुकूल शैक्षणिक वातावरण

जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों के वार्डन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे एकाग्रता के साथ अध्ययन कर सकें और परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें वार्डन की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

बैठक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्मिकों की स्थिति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। बताया गया कि भिलंगना विकासखंड के अखोड़ी स्थित विद्यालय में वार्डन का एक पद तथा प्रतापनगर स्थित विद्यालय में अकाउंटेंट का एक पद रिक्त है। वहीं, हेड कुक, असिस्टेंट कुक और चौकीदार के सभी पद भरे हुए हैं।

आमपाटा विद्यालय में पेयजल संकट, समाधान के निर्देश

मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा के दौरान नरेंद्रनगर के आमपाटा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आई। फिलहाल विद्यालय में टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन इससे जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। जिलाधिकारी ने पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया।

विद्यालय के अपग्रेडेशन के संबंध में बताया गया कि इसके लिए भूमि उपलब्ध है और प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।

बैठक में कंप्यूटर की आवश्यकता का मुद्दा भी उठा। इस पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने आमपाटा, रौतू की बेली सहित संबंधित विद्यालयों में जल्द कंप्यूटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिन विद्यालयों के पुस्तकालयों में पुस्तकों की कमी है, उन्हें मुख्यालय से आवश्यक पुस्तकें प्राप्त करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री की कमी न हो।

सोलर गीजर की मरम्मत और अन्य सुविधाओं पर जोर

कुछ विद्यालयों में सोलर गीजर की मरम्मत की आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उरेडा विभाग को संबंधित विद्यालयों का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करने और मरम्मत के लिए आवश्यक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में रोटी बनाने की मशीन की जरूरत है, उन्हें इसके लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया। वहीं, प्रतापनगर के सुजाड़ गांव स्थित विद्यालय में फेंसिंग की आवश्यकता का मामला भी बैठक में रखा गया।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि विद्यालयों में आईसीटी कक्ष, पुस्तकालय, सीसीटीवी कैमरे, रूम हीटर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी, ओपन जिम, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और वेंडिंग मशीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने उपलब्ध संसाधनों के उचित रखरखाव और आवश्यक सुविधाओं की कमी को दूर करने पर जोर दिया।

नवोदय विद्यालय पौखाल में 541 विद्यार्थी अध्ययनरत

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विद्यालय में कुल 541 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 318 बालक और 223 बालिकाएं शामिल हैं। विद्यालय में शिक्षण कार्मिकों के दो और गैर-शिक्षण कार्मिकों का एक पद रिक्त है।

बैठक में विद्यालय में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति, खेल मैदान की मरम्मत, सोलर लाइट लगाने और पीआरडी कार्मिकों की तैनाती जैसी आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

देवलधार विद्यालय में बेड और स्टडी टेबल की कमी

राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार के संबंध में बताया गया कि यहां कुल 216 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 97 छात्र और 119 छात्राएं हैं। बैठक में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन के मेन्यू की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

विद्यालय में बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार की आवश्यकता बताई गई। इसके अलावा छात्रावास में बेड, स्टडी टेबल और कुर्सियों की कमी का मामला भी सामने आया। जिलाधिकारी ने आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।

स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी अधिकारियों के संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आपातकालीन परिस्थितियों में बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए जरूरी दवाइयों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने भोजन कक्ष और डाइनिंग क्षेत्र में साफ-सफाई बनाए रखने तथा विद्यार्थियों को स्वच्छ वातावरण में भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। जिन विद्यालयों में बेडशीट, कंबल अथवा अन्य आवश्यक सामग्री की कमी है, उन्हें तत्काल इसकी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं की जा सकें।

जिलाधिकारी ने दोहराया कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और दैनिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति, मुख्य शिक्षा अधिकारी कमला बड़वाल सहित वार्डन सुनंदा, मधु, आशा बिष्ट, अदिति, प्रदीप शुक्ला, सुरेंद्र नेगी, डॉ. आनंद पाल सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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