परमार्थ निकेतन में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का दूसरा दिन शिव-शक्ति ऊर्जा को समर्पित
ड्रमवादक शिवमणि और गायिका रूना रिजवी शिवमणि की प्रस्तुति ने साधकों को किया मंत्रमुग्ध, 80 देशों के 1500 प्रतिभागी शामिल


ऋषिकेश,10 मार्च(दिलीप शर्मा): परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 के दूसरे दिन का आयोजन शिव और शक्ति की ऊर्जा को समर्पित रहा। इस अवसर पर योग, ध्यान, आयुर्वेद और आध्यात्मिक सत्रों के साथ संगीत की विशेष प्रस्तुति ने प्रतिभागियों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया।

महोत्सव में लगभग 80 देशों से आए करीब 1500 योग साधक भाग ले रहे हैं, जो हठ योग, अष्टांग, विन्यास, कुंडलिनी योग, प्राणायाम, ध्यान, मंत्र जप, यज्ञ और गंगा आरती जैसी भारतीय योग परंपराओं का अभ्यास कर रहे हैं।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि योग केवल शरीर की साधना नहीं बल्कि जीवन को संतुलन और चेतना देने वाली एक विज्ञान और कला है। योग और ध्यान से व्यक्ति अपने अंतरमन से जुड़कर शांति और स्थिरता का अनुभव करता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती ने हिमालयन ध्यान की महत्ता बताते हुए कहा कि साधना के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर की सृजनात्मक शक्ति और आंतरिक शांति को अनुभव कर सकता है।

संध्या के समय गंगा तट पर प्रसिद्ध ड्रमवादक शिवमणि और गायिका रूना रिजवी शिवमणि की संगीत प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। ड्रम्स की ताल और सुरों की मधुर गूंज के बीच साधक भक्ति और आनंद में झूम उठे।
दिनभर आयोजित विभिन्न सत्रों में लीला योग, अयंगर योग, विन्यास योग, सत नाम रसयान, योग निद्रा, कीर्तन और आयुर्वेद से जुड़े अभ्यास कराए गए। महोत्सव के अंत में गंगा आरती, दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार के साथ भक्ति और उत्सव का वातावरण बना रहा।










