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115 करोड़ से संवरेंगे आस्था पथ और त्रिवेणी घाट, चंद्रभागा पर बनेगा नया पुल

बैराज से राम झूला तक सीधा संपर्क होगा स्थापित, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगी बेहतर सुविधा

ऋषिकेश, 13 मार्च(दिलीप शर्मा) : ऋषिकेश में धार्मिक पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आस्था पथ और त्रिवेणी घाट क्षेत्र का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर लगभग 115 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस संबंध में ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने जानकारी दी।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि आस्था पथ को बैराज से राम झूला तक सीधे जोड़ने के लिए चंद्रभागा नदी पर पुल निर्माण की योजना पर लंबे समय से कार्य किया जा रहा था। इस दिशा में अब सिंचाई विभाग की कार्यदायी संस्था उत्तराखंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPDCCL) ने लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस निविदा की वैधता अवधि 90 दिन निर्धारित की गई है।

उन्होंने कहा कि पुल के निर्माण से आस्था पथ बैराज से राम झूला तक सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक ऋषिकेश पहुंचते हैं, ऐसे में यह पुल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ऋषिकेश के प्रसिद्ध एवं पौराणिक धार्मिक स्थल त्रिवेणी घाट के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण के लिए भी लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जाएंगे। इसके लिए भी UPDCCL द्वारा टेंडर जारी कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत त्रिवेणी घाट क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विकास, घाटों का सौंदर्यीकरण, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार और अन्य आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इन दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद ऋषिकेश में धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। आस्था पथ पर आने वाले श्रद्धालु गंगा तट के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हुए सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं और भविष्य में भी जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

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