कैलाश खेर का कैलासा बैंड संग परमार्थ निकेतन आगमन, अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में आज भक्ति संगीत की संध्या
मां गंगा नदी के तट पर गूंजेंगी कैलासा बैंड की स्वर लहरियाँ, गंगा आरती के बाद होगा विशेष कॉन्सर्ट

ऋषिकेश/परमार्थ निकेतन(दिलीप शर्मा): अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के पावन अवसर पर शुक्रवार को पद्मश्री कैलाश खेर अपने प्रसिद्ध कैलासा बैंड के साथ परमार्थ निकेतन पहुँचे। इस दौरान उन्होंने पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती तथा डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

परमार्थ निकेतन में इन दिनों चल रहे अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में योग, भक्ति, संगीत और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। देश-विदेश से आए योग साधक यहां भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की दिव्यता का अनुभव कर रहे हैं। इसी पावन वातावरण में शुक्रवार सायंकाल कैलाश खेर की ओजस्वी और भावपूर्ण आवाज गंगा नदी के तट पर गूंजेगी, जिससे पूरा परिसर भक्ति और संगीत की दिव्य तरंगों से सराबोर हो उठेगा।
गंगा की शांत और पवित्र लहरों के बीच जब कैलासा बैंड की स्वर लहरियाँ वातावरण में प्रवाहित होंगी, तब यह दृश्य प्रकृति और संगीत के अद्भुत संगम का प्रतीक बनेगा। गंगा आरती के पश्चात आयोजित होने वाला यह विशेष कॉन्सर्ट देश-विदेश से आए योग साधकों और श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव साबित होगा।
कैलाश खेर की आवाज में संगीत की मधुरता के साथ भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक चेतना की गहराई भी झलकती है। उनके गीत श्रोताओं के हृदय को स्पर्श करते हुए उन्हें भाव-विभोर कर देते हैं।
इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पद्मश्री कैलाश खेर और उनके कैलासा बैंड का स्वागत करते हुए कहा कि संगीत एक ऐसा दिव्य माध्यम है जो सीधे हृदय को स्पर्श कर मनुष्य को ईश्वर के निकट ले जाता है। उन्होंने कहा कि कैलाश खेर अपने संगीत के माध्यम से वर्षों से भक्ति, प्रेम, सकारात्मकता और भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति का संदेश विश्वभर में पहुँचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह संध्या केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि मां गंगा के पावन सान्निध्य में संगीत, भक्ति और योग की दिव्य अनुभूति का उत्सव है, जहाँ स्वर, साधना और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।










