उत्तराखंडदेहरादूनसम्मानित

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में गूंजा सशक्तिकरण का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा— नारी शक्ति के बिना राष्ट्र की उन्नति असंभव

देहरादून,15 अप्रैल(दिलीप शर्मा): उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के तत्वावधान में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के मुख्य सभागार में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। “पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक कदम

नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी होगी सुनिश्चित

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की मातृशक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में एक युगांतकारी पहल है। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल महिलाओं की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें नीति-निर्माण की प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका देने वाला है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज की महिला किसान, उद्यमी, जनप्रतिनिधि और राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता—हर भूमिका में सशक्त रूप से योगदान दे रही है।

महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

30% आरक्षण और UCC जैसे फैसलों का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण, समान नागरिक संहिता (UCC) और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, ‘सशक्त बहना उत्सव योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ जैसी पहलों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है।

केंद्र सरकार की योजनाओं की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई दिशा

मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, जन-धन योजना, मातृत्व वंदना योजना और लखपति दीदी योजना जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

महिला नेतृत्व को मिलेगा नया आयाम

केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर का संबोधन

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करेगा।

उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं के सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास को मजबूत करेगा।

प्रदेश में बदलाव की नई शुरुआत

रेखा आर्या ने बताया ऐतिहासिक अवसर

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह आयोजन देश की आधी आबादी के लिए एक नए युग की शुरुआत है। इससे महिलाओं के नेतृत्व और भागीदारी को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

कुसुम कंडवाल ने साझा किया अनुभव

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने महिला आरक्षण के लिए किए गए लंबे संघर्ष को याद करते हुए कहा कि यह दिन वर्षों की मेहनत और आंदोलन का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माता के रूप में भी अपनी भूमिका निभाएंगी।

11 महिला विभूतियों को किया गया सम्मानित

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 11 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें प्रमुख रूप से—

  • पद्मश्री माधवी बर्थवाल (लोक संस्कृति)
  • अनुराधा मल्ला (शिक्षा)
  • ममता रावत (स्टार्टअप एवं उद्यमिता)
  • किरण भट्ट (हॉस्पिटैलिटी)
  • पारुल अग्रवाल (कम्युनिटी लीडरशिप)
  • प्रिया गुलाटी (सामाजिक सेवा)
  • दीपा बाछेती (स्वयं सहायता समूह)
  • एडवोकेट रितु गुजराल (POCSO एवं LGBTQ अधिकार)
  • डॉ. रामा गोयल (समाज सेवा)
  • निधि गोयल (ऊर्जा क्षेत्र)
  • डॉ. गीता जैन (शिक्षा एवं स्वास्थ्य)

मातृशक्ति की बड़ी भागीदारी

सम्मेलन में उमड़ा उत्साह

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही। सम्मेलन में मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी और उत्साह ने महिला सशक्तिकरण के प्रति समाज की बढ़ती जागरूकता को दर्शाया।

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