आस्थाउत्तराखंडऋषिकेशमुनि की रेती

मधुबन आश्रम में अक्षय तृतीया महोत्सव हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

मंगल आरती से शुरुआत, चंदन सेवा, पालकी यात्रा और गंगा में नौका विहार के साथ भक्तिमय वातावरण

 

ऋषिकेश/मुनि की रेती(दिलीप शर्मा): मधुबन आश्रम में अक्षय तृतीया का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन मंगल आरती से हुई, जिसके बाद पूरे दिन आश्रम में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।

दोपहर बाद लगभग 4:00 बजे भगवान राधा-गोविंद जी को विधिवत चंदन अर्पित किया गया। इसके उपरांत भगवान को पालकी में विराजमान कर मंदिर परिसर की परिक्रमा कराई गई। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ हरि नाम संकीर्तन करते हुए इस दिव्य यात्रा में भाग लिया।

 

गंगा तट पर नौका विहार का आयोजन

मंदिर परिक्रमा के बाद भगवान की पालकी को गंगा तट पर ले जाया गया, जहां विशेष रूप से नौका विहार कराया गया। इस दौरान भक्तों ने भक्ति गीतों और कीर्तन के माध्यम से वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।

 

चंदन सेवा का महत्व बताया

मधुबन आश्रम के अध्यक्ष श्री परमानंद दास जी महाराज ने इस अवसर पर बताया कि यह उत्सव भगवान की सेवा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्म ऋतु के प्रारंभ में भगवान को चंदन अर्पित किया जाता है, जिससे उन्हें शीतलता प्रदान की जा सके। यह परंपरा भक्तों की सेवा भावना और श्रद्धा का प्रतीक है।

विशिष्ट जनों की उपस्थिति

कार्यक्रम में नगर पालिका मुनि की रेती-ढालवाला के पूर्व अध्यक्ष श्री रोशन रतूड़ी, श्री शिव मूर्ति कंडवाल, सुनील कंडवाल, नवीन अग्रवाल, पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सूर्य चंद चौहान, हरि भक्त दास, हरविंदर अरोड़ा, ऋषभ, अमन, मुकुल शर्मा, सुरेंद्र कंडवाल, वृंदावन दास सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

अक्षय तृतीया के इस पावन अवसर पर मधुबन आश्रम में आयोजित कार्यक्रम ने भक्तों को भक्ति, सेवा और परंपरा से जोड़ते हुए एक दिव्य अनुभूति प्रदान की।

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