उत्तराखंडटिहरी गढ़वालविश्व पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्राम प्रहरियों को मिला आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण

भूकंप, प्राथमिक उपचार, सीपीआर और रेस्क्यू तकनीकों की दी गई जानकारी, एसडीआरएफ ने किया व्यावहारिक प्रदर्शन

टिहरी गढ़वाल, 05 जून(दिलीप शर्मा): विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर थाना कैंम्टी फॉल में ग्राम प्रहरियों के लिए विशेष आपदा प्रबंधन जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 ग्राम प्रहरियों के साथ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, होमगार्ड, पीआरडी जवान तथा अन्य संबंधित कार्मिकों ने सहभागिता की।

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम प्रहरियों को उनके क्षेत्र एवं गांवों के प्रति दायित्वों से अवगत कराना तथा आपदा अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस एवं एसडीआरएफ के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार करना था।

प्रशिक्षण के दौरान एसडीआरएफ जवान संदीप सिंह ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने भूकंप के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा सावधानियों, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), अत्यधिक रक्तस्राव रोकने के उपाय, सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन), गला चोक होने की स्थिति में जीवन रक्षक तकनीकों तथा उपलब्ध संसाधनों से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने के तरीकों की जानकारी प्रदान की।

इसके साथ ही घायल व्यक्तियों को सुरक्षित तरीके से उठाने एवं स्थानांतरित करने (मूविंग एवं लिफ्टिंग) की तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया। एसडीआरएफ टीम ने विभिन्न रेस्क्यू तकनीकों और आपदा प्रबंधन संबंधी उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के गुर सिखाए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल ग्राम प्रहरियों, पुलिस कर्मियों, होमगार्ड एवं पीआरडी जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से वे भविष्य में किसी भी आपदा अथवा दुर्घटना की स्थिति में पुलिस एवं एसडीआरएफ की प्रभावी सहायता कर सकेंगे।

कार्यक्रम के दौरान थाना कैंम्टी फॉल के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, होमगार्ड, पीआरडी जवान तथा अन्य विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे। समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने एसडीआरएफ एवं पुलिस विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।

“आपदा से बचाव ही सर्वोत्तम सुरक्षा है” संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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