उत्तराखंडऋषिकेशविश्व पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस पर ऋषिकेश में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सर्वेश पाठक ने किया जन-जागरण का आह्वान, वृक्षारोपण व जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर

 

ऋषिकेश, 5 जून(दिलीप शर्मा): विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर योग नगरी ऋषिकेश में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन परिषद, भारत के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण एवं जलवायु संतुलन को लेकर विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, पर्यावरण प्रेमियों एवं विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन परिषद, भारत के वाइस चेयरमैन, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री एवं भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ (भाजपा प्रणीत) के राष्ट्रीय महासचिव सर्वेश पाठक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी वैश्विक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा पर्यावरणीय संतुलन के बिना सतत विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं जलवायु संतुलन केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त नागरिक कर्तव्यों और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक दायित्व बनाने का आह्वान

वरिष्ठ समाजसेवी विनय शर्मा ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण किसी भी सभ्य समाज की मूल आवश्यकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार करने की अपील की।

वरिष्ठ समाजसेवी सुजीत शर्मा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज सम्पूर्ण मानवता के समक्ष गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। इसके समाधान के लिए जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।

प्रदेश उपाध्यक्ष रानू सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक परिवार इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना ले तो समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

प्रदेश उपाध्यक्ष रजत दीक्षित ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक और उत्तरदायी बनाना होगा। हरित विकास और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

युवाओं से आगे आने की अपील

वरिष्ठ समाजसेवी हर्षित राय ने कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला सामाजिक अभियान है। उन्होंने नागरिकों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक शर्मा ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी परिवर्तन की सबसे बड़ी वाहक होती है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।

सामूहिक संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली एवं हरित विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर अरुण, संतोष, वरुण, मोहित, रोहित, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक शर्मा, रंजन अंथवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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