मुख्य सचिव आनंद वर्धन की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष नीलम बिजलवान ने उठाये मुनीकीरेती-ढालवाला क्षेत्र के आपदा एवं बाढ़ सुरक्षा के मुद्दे
जनप्रतिनिधियों ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के स्थायी समाधान और चंद्रभागा नदी से बढ़ते बाढ़ खतरे पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की

नई टिहरी, 05 जून(दिलीप शर्मा): टिहरी जनपद में उत्तराखण्ड सरकार के मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जनपद के विकास, आपदा प्रबंधन एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जनपद के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विधायकगण, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता कर अपने-अपने क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं एवं आवश्यकताओं को प्रमुखता से रखा।

बैठक के दौरान नगर पालिका परिषद मुनीकीरेती-ढालवाला क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया गया। न. पा. प. मुनिकीरेती ढालवाला की अध्यक्ष नीलम बिजलवान ने विशेष रूप से चीनी गोदाम रोड, वार्ड संख्या-11 ढालवाला तथा खराश्रोत क्षेत्र में आपदा से प्रभावित स्थानों की गंभीर स्थिति से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने इन क्षेत्रों में लगातार बनी हुई समस्याओं के स्थायी एवं प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग की।
इसके साथ ही आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए चंद्रभागा नदी के बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले संभावित बाढ़ खतरे का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रवासियों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाढ़ सुरक्षा कार्यों, तटबंध निर्माण, नदी तटों के सुदृढ़ीकरण तथा अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में यह भी मांग रखी गई कि भविष्य में संभावित जन-धन हानि को रोकने के लिए संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसका शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। जनप्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव से जनहित एवं क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर दीर्घकालिक एवं ठोस समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन ने बैठक में उठाए गए विभिन्न मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई एवं समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।










