ऋषिकेश फायरिंग कांड का खुलासा: हत्या की नीयत से की गई अंधाधुंध फायरिंग, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
अवैध पिस्टल, कारतूस और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद; दो फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की लगातार दबिश

ऋषिकेश/देहरादून, 05 जून(दिलीप शर्मा): ऋषिकेश के भट्टोवाला-श्यामपुर क्षेत्र में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुलासा कर दिया है। मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस तथा मोटरसाइकिल बरामद की गई है। वहीं, घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार 4 जून को भट्टोवाला, श्यामपुर क्षेत्र में सड़क किनारे शराब पी रहे तीन युवकों को स्थानीय लोगों ने टोका था, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया। विवाद के बाद आरोपी दोबारा अवैध हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
फायरिंग में जसपाल रावत एवं मनीष व्यास उर्फ नरेश व्यास घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि उसके दो साथी फरार होने में सफल रहे।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम वसीम अख्तर (20 वर्ष) पुत्र महफूज आलम निवासी इस्लामपुर, थाना नानपुर, जिला सीतामढ़ी (बिहार) बताया। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बदला लेने की नीयत से फायरिंग करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक अवैध फैक्ट्री मेड पिस्टल, मैगजीन, तीन जिंदा कारतूस (7.65 केएफ), एक खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल संख्या BR-30-AN-5769 बरामद की है। आरोपी हथियार से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
विवेचना के दौरान घटना में शामिल फरार आरोपियों की पहचान आमिर निवासी ग्राम पंडोर तथा अनवर निवासी ग्राम बथली, थाना नानपुर, जिला सीतामढ़ी (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
मामले के खुलासे में उपनिरीक्षक सुमित चौधरी, हेड कांस्टेबल कुलदीप सिंह, कांस्टेबल शेखर सैनी तथा कांस्टेबल अनुयाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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