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टिहरी झील रिंग रोड परियोजना पर आपत्तियों की सुनवाई

भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-15 के तहत प्रभावितों की आपत्तियां सुनी गईं

 

नई टिहरी, 25 अप्रैल(दिलीप शर्मा): टिहरी झील के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड निर्माण के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया के अंतर्गत प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी ने की।

18 गांवों के प्रभावित काश्तकारों ने रखी आपत्तियां

बैठक में तहसील टिहरी, प्रतापनगर एवं उपतहसील मदननेगी के अंतर्गत आने वाले 18 गांवों के प्रभावित काश्तकारों की आपत्तियों पर विचार किया गया। ग्राम रौलाकोट, सेम, नारगढ़, चांठी और पाचरी सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और आपत्तियां दर्ज कराईं।

कुल 37 आपत्तियों पर हुई सुनवाई

पूर्व में प्राप्त 27 आपत्तियों के अतिरिक्त बैठक के दौरान 10 नई आपत्तियां दर्ज की गईं। सभी आपत्तियों पर विस्तारपूर्वक सुनवाई कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डंपिंग जोन को लेकर पुनः सर्वे के निर्देश

डंपिंग जोन से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने सर्वे टीम को पुनः सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) और विशेष भूमि अर्जन अधिकारी (एसएलएओ) को दर्ज आपत्तियों के निस्तारण हेतु अपने-अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

विकास की दृष्टि से अहम परियोजना

एडीएम शैलेन्द्र नेगी ने कहा कि टिहरी झील रिंग रोड परियोजना जनपद के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।

बैठक में रहे उपस्थित

इस अवसर पर एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता, अधिशासी अभियंता लोनिवि योगेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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