
ऋषिकेश, 02 मई (दिलीप शर्मा): ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने शनिवार को अपने कैंप कार्यालय में विद्युत विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वित्तीय स्वीकृति मिलने के बावजूद कार्यों में हो रही देरी पर कड़ी नाराज़गी जताई और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
बैठक में 33/11 केवी सब स्टेशन ऋषिकेश के निर्माण कार्य की समीक्षा की गई, जिसकी अनुमानित लागत 19.60 करोड़ रुपये है। बताया गया कि परियोजना पूर्ण होने पर लगभग 50 हजार उपभोक्ताओं को अगले 10 वर्षों तक सुचारू विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा। इससे त्रिवेणी घाट, गंगानगर, आवास विकास, गुमानीवाला, अमित ग्राम और बापू ग्राम सहित कई क्षेत्रों को राहत मिलेगी।
इसके अलावा रायवाला और हरिद्वार भूपतवाला से पोषित 33 केवी लाइन तथा हरिपुर कला स्टेशन के मध्य लिंक लाइन कवर कंडक्टर कार्यों की भी समीक्षा की गई, जिसकी लागत लगभग 6.50 करोड़ रुपये है। यह कार्य आगामी कुंभ 2027 के दौरान आपात स्थिति में ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच विद्युत आदान-प्रदान को सुनिश्चित करेगा।
बैठक में रायवाला, छिद्दरवाला, अमित ग्राम, गुमानीवाला और अठूरवाला क्षेत्रों में करीब 80 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि तथा 30 नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना पर भी चर्चा हुई। इस कार्य पर लगभग 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।
अधिकारियों ने बताया कि 200 जर्जर विद्युत पोलों के प्रतिस्थापन और करीब 50 किलोमीटर एरियल बंच इंसुलेटेड केबल बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार हुआ है।
डॉ. अग्रवाल ने सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही गढ़ी, भल्ला फार्म, खैरी खुर्द, श्यामपुर, चोपड़ा फार्म, खदरी विस्थापित, लक्कड़घाट रोड, आशा प्लॉट, नवाब वाला, चक जोगी वाला, जोगीवाला माफी और छिद्दरवाला क्षेत्रों में बंचिंग केबल बिछाने के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने निविदा राशि को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर स्थानीय ठेकेदारों को भी अवसर देने पर जोर दिया।
बैठक में अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण) वी.के. सिंह, अधिशासी अभियंता शक्तिप्रसाद, उपखंड अधिकारी अर्चित कुमार, शशिकांत सिंह और जेई दीपक राणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।










