उत्तराखंडदेहरादून

पिथौरागढ़ हत्याकांड पर राज्य महिला आयोग सख्त, अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने लिया स्वतः संज्ञान

धारचूला सीओ से वार्ता कर दिए त्वरित व निष्पक्ष जांच के निर्देश, बोलीं—हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं

देहरादून,(दिलीप शर्मा): पिथौरागढ़ जनपद के अस्कोट क्षेत्र में हुए नृशंस हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी धारचूला से दूरभाष पर वार्ता कर घटना की विस्तृत जानकारी ली।

अध्यक्ष कंडवाल ने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि मामले की विवेचना त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से की जाए तथा आरोपी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पति ने पत्नी के कथित अवैध संबंधों से आक्रोशित होकर कुल्हाड़ी से उसकी हत्या कर दी। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कंडवाल ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के निजी विवाद या कथित संबंधों को आधार बनाकर किसी की हत्या करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह अमानवीय कृत्य भी है।

उन्होंने कहा कि वैवाहिक या पारिवारिक विवादों का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करें और विवादों के समाधान के लिए वैधानिक रास्ता अपनाएं।

अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि वैवाहिक संबंधों में सामंजस्य संभव न हो, तो विधिक प्रक्रिया के तहत सम्मानजनक तरीके से अलग होना ही उचित विकल्प है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को ऐसी कठोर सजा मिलनी चाहिए, जो समाज में निवारक के रूप में कार्य करे और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

राज्य महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने तक लगातार अनुश्रवण करता रहेगा।

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