उत्तराखंडटिहरी गढ़वाल

टिहरी में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान तेज, 15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ डीएम ने की बैठक, 13 अगस्त तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर

नई टिहरी, 15 जुलाई(दिलीप शर्मा): आगामी निर्वाचन की तैयारियों के तहत टिहरी गढ़वाल में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुनरीक्षण कार्यक्रम, दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया, मतदान केंद्रों की संख्या में वृद्धि तथा मतदाता सूची में चिन्हित विसंगतियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

13 अगस्त तक दावे-आपत्तियां, 15 सितंबर को अंतिम सूची

बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि जनपद की ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जा चुकी है। इस पर 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इसके बाद 11 सितंबर तक सभी मामलों की सुनवाई एवं निस्तारण किया जाएगा तथा 15 सितंबर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।

मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 994 हुई

प्रशासन के अनुसार जनपद में मतदान केंद्रों की संख्या 963 से बढ़ाकर 994 कर दी गई है। विधानसभा क्षेत्रवार घनसाली में 161, देवप्रयाग में 158, नरेंद्रनगर में 175, प्रतापनगर में 153, टिहरी में 156 तथा धनोल्टी में 191 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

1.17 लाख से अधिक मतदाताओं को जारी होंगे नोटिस

बैठक में बताया गया कि ड्राफ्ट रोल से पहले जनपद में कुल 5,07,253 मतदाता दर्ज थे, जबकि ड्राफ्ट सूची में यह संख्या 4,63,628 है। समीक्षा के दौरान 1,04,402 मतदाता विसंगति (एनोमली) श्रेणी तथा 13,126 मतदाता अनमैप्ड श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 1,17,528 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे।

विधानसभा क्षेत्रवार विसंगति वाले मतदाताओं में घनसाली में 19,024, देवप्रयाग में 16,031, नरेंद्रनगर में 18,379, प्रतापनगर में 14,343, टिहरी में 15,918 तथा धनोल्टी में 20,707 मतदाता शामिल हैं।

ईसीआई नेट ऐप से तैयार होंगे नोटिस

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सभी नोटिस ECI Net App के माध्यम से स्वतः तैयार किए जाएंगे। नोटिस अनमैप्ड मतदाताओं, विसंगति वाले मामलों तथा दावे-आपत्तियों से संबंधित प्रकरणों में जारी होंगे। प्रमुख विसंगतियों में माता-पिता और मतदाता की आयु में असामान्य अंतर, भाई-बहनों की आयु में अत्यधिक कम अंतर, एक परिवार में छह से अधिक संतानों का मैप होना तथा नामों में त्रुटियां शामिल हैं।

दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं की सुविधा का रखा जाएगा ध्यान

बैठक में बताया गया कि सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा विधानसभा क्षेत्रवार सुनवाई की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रत्येक एईआरओ को उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार मतदान केंद्र आवंटित किए गए हैं। निकटवर्ती मतदान केंद्रों के क्लस्टर बनाकर सुनवाई आयोजित की जाएगी, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं को लंबी दूरी तय न करनी पड़े। मानसून की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर सुनवाई स्थलों एवं तिथियों में भी व्यावहारिक संशोधन किया जा सकेगा।

डीएम ने की सहयोग की अपील

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने राजनीतिक दलों एवं मतदाताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त होंगे, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है अथवा जो एएसडी श्रेणी में चिन्हित हैं, वे निर्धारित समयावधि के भीतर आवश्यक अभिलेखों के साथ अपना पक्ष अवश्य प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि ईआरओ, एईआरओ एवं अतिरिक्त एईआरओ द्वारा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाएगा।

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