उत्तराखंडटिहरी गढ़वालसमीक्षा बैठक

राज्य आंदोलनकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों की समस्याओं पर डीएम ने की समीक्षा बैठक

स्मारक निर्माण, इंद्रमणि बडोनी स्मृति स्थल, शहीदों के चित्र और सुमन पार्क के विकास समेत विभिन्न मांगों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश

नई टिहरी,15 जुलाई (दिलीप शर्मा): राज्य आंदोलनकारियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच और स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी कल्याण समिति के प्रतिनिधियों ने अपनी विभिन्न मांगों और सुझावों को प्रशासन के समक्ष रखा।

बैठक के दौरान उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रतिनिधियों ने बताया कि स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की स्मृति से संबंधित निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा टिहरी जनपद के शहीद राज्य आंदोलनकारियों के चित्रों का निर्माण, राज्य आंदोलन से जुड़ी समस्त जानकारी के लिए स्मारक पट्ट की स्थापना तथा विद्युत और पेयजल कनेक्शन जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं भी लंबित हैं। उन्होंने इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने की मांग की।

वहीं, स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी कल्याण समिति ने नई टिहरी जिला मुख्यालय में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में एक भव्य स्मारक निर्माण की मांग उठाई।

जिलाधिकारी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान राज्य और देश के इतिहास में अमूल्य है। उनकी समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और समयबद्ध तरीके से किया जाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

बैठक में सुमन पार्क से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बैठक के बाद दोनों पक्ष संयुक्त रूप से सुमन पार्क का स्थलीय निरीक्षण करें और आपसी सहमति से एक व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि पार्क के विकास और संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के पूर्व अध्यक्ष ज्योति प्रसाद भट्ट, महासचिव किशन सिंह रावत, डॉ. राजेंद्र भूषण गोदियाल, अध्यक्ष सुंदरलाल उनियाल, देवेंद्र नौडियाल, उपाध्यक्ष उत्तम सिंह चौहान, सचिव जगजीत सिंह नेगी, सदस्य विक्रम सिंह नेगी, विजेंद्र सिंह राणा, मोहन सिंह बुटोला सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी, स्वतंत्रता सेनानी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button