आपदा से पहले तैयारी ही सबसे बड़ा बचाव: मदन कौशिक
नई टिहरी में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित, रिस्पॉन्स टाइम कम करने और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर दिया गया जोर

नई टिहरी,18 जुलाई(दिलीप शर्मा): उत्तराखण्ड सरकार के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, प्रशिक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने और आपदा के दौरान रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

शनिवार को नई टिहरी स्थित क्रीड़ा सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय “आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction)” विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त) तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
केवल संसाधन नहीं, प्रशिक्षित मानवबल भी जरूरी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड ने पिछले 25 वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल संसाधनों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि आपदा के समय किस क्रम में कौन-सा कार्य किया जाना है। इसके लिए सभी विभागों और कार्मिकों का नियमित प्रशिक्षण एवं पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय के माध्यम से आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
अब पूरे वर्ष चलती हैं तैयारियां: विनोद कुमार सुमन
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि अब आपदा प्रबंधन विभाग केवल आपदा आने के बाद सक्रिय नहीं होता, बल्कि पूरे वर्ष प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल, जन-जागरूकता अभियान और तकनीकी संसाधनों के माध्यम से तैयारी करता है।
उन्होंने बताया कि ‘सचेत’ ऐप, सेल ब्रॉडकास्ट प्रणाली, आधुनिक संचार तकनीक तथा अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों तक समय पर चेतावनी और आवश्यक जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
टिहरी में मानसून और आपदा से निपटने की व्यापक तैयारी
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जनपद में मानसून एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में जेसीबी मशीनों की जीपीएस लोकेशन के साथ तैनाती की गई है, जबकि एसडीआरएफ की टीमें देवप्रयाग और कीर्तिनगर में गंगा नदी क्षेत्र के लिए पहले से तैनात हैं।
उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में संभावित आपदा को देखते हुए तीन माह का आवश्यक राशन अग्रिम रूप से उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही टिहरी बांध की सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को लेकर अलग से बैठक आयोजित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं।
विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक आपदा प्रबंधन के उपाय
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।
- डॉ. पूजा राणा ने ‘सचेत: सुरक्षा का राष्ट्रीय रडार’ एवं एकीकृत संचार प्रणाली पर प्रस्तुति दी।
- डॉ. पी.डी. माथुर ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फ्रेमवर्क और लक्ष्यों की जानकारी दी।
- डॉ. वेदिका एवं रॉबिन अग्रवाल ने Incident Response System (IRS) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की।
- रोहित एवं धर्मेन्द्र ने आपदा प्रबंधन से जुड़े पोर्टल और मोबाइल ऐप के उपयोग की जानकारी देकर डिजिटल तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डाला।
जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पत्रकारों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र नेगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट, सभी उपजिलाधिकारी, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
पूर्व तैयारी से ही कम होगा आपदा का प्रभाव
कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि उत्तराखण्ड जैसे संवेदनशील पर्वतीय राज्य में आपदा से पहले की तैयारी, तकनीकी दक्षता, प्रशिक्षित मानवबल और जन-जागरूकता ही किसी भी प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम करने की सबसे प्रभावी रणनीति है। राज्य सरकार इसी सोच के साथ आपदा प्रबंधन तंत्र को लगातार अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।












