उत्तराखंडदेहरादूनसमीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी: हेल्पलाइन-1905 की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण करें

समीक्षा बैठक में धामी ने कहा— लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जवाबदेही हर स्तर पर होगी तय

  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश।
  • शून्य प्रतिशत कार्यवाही वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश।
  • पेयजल एवं जल जीवन मिशन की लंबित शिकायतें एक सप्ताह में निपटाने के निर्देश।
  • प्रत्येक सोमवार को जनपद, मंडल और शासन स्तर पर समाधान दिवस आयोजित होगा।
  • चारधाम यात्रा मार्गों का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा।
  • शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर होगी अगली समीक्षा।

देहरादून, 30 जुलाई(दिलीप शर्मा): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक जन शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया में प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही तय होगी तथा कार्य में शिथिलता बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पेयजल और जल जीवन मिशन की शिकायतों पर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग एवं जल जीवन मिशन से संबंधित अधिक संख्या में प्राप्त शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

शून्य प्रतिशत कार्यवाही वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शून्य प्रतिशत कार्यवाही की गई है, उन्हें संबंधित विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। यदि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

हर सोमवार होगा ‘समाधान दिवस’, डीएम और सचिव करेंगे नियमित समीक्षा

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी नियमित समीक्षा विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी स्तर पर की जाए। उन्होंने प्रत्येक सोमवार को जनपद स्तर पर जिलाधिकारियों, मंडल स्तर पर दोनों मंडलायुक्तों तथा शासन स्तर पर सभी सचिवों द्वारा ‘समाधान दिवस’ आयोजित कर जन समस्याओं की सुनवाई एवं समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा के मंच के रूप में विकसित किया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।

आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के नवाचारों की मांगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में सभी IAS, IPS एवं IFS अधिकारियों को अपने सेवाकाल के शुरुआती क्षेत्रों में जनसुविधाओं के लिए नवाचार करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने ऐसे सभी नवाचारों की विस्तृत सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सेवानिवृत्ति के पहले महीने से मिले पेंशन, देरी पर होगी जिम्मेदारी तय

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के बाद प्रथम माह से ही पेंशन मिलनी शुरू हो जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।

चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भूमि विवादों के त्वरित समाधान पर भी दिया जोर

मुख्यमंत्री ने भूमि संबंधी विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

18 अप्रैल से 28 जुलाई तक हेल्पलाइन पर आईं 67 हजार से अधिक शिकायतें

बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं।

इनमें—

  • 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण किया गया।
  • 31,363 शिकायतों का आंशिक निस्तारण हुआ।
  • 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं।
  • 4,061 शिकायतें लंबित हैं।
  • 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं।

उन्होंने बताया कि स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पूर्व अवधि की तुलना में उल्लेखनीय सुधार का संकेत है। साथ ही विभागों में शिकायतों के औसत निस्तारण समय में भी सुधार दर्ज किया गया है तथा शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने और विभागवार मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया गया है।

अगली समीक्षा में केवल संख्या नहीं, गुणवत्ता और शिकायतकर्ता की संतुष्टि होगी आधार

मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक से पहले अपने-अपने विभागों की व्यापक समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि तथा विभागीय जवाबदेही के आधार पर विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से की सीधी बातचीत

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों के शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर बातचीत कर शिकायतों के निस्तारण की जानकारी ली।

  • अल्मोड़ा के मोहम्मद सलमान ने बताया कि कूड़ा निस्तारण संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो चुका है। वहीं नाली निर्माण की समस्या बताने पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को 24 घंटे के भीतर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
  • टिहरी गढ़वाल के आकाश रमोला ने बताया कि चम्बा स्थित सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति संबंधी उनकी शिकायत का समाधान हो गया है।
  • हरिद्वार के जुल्फिकार खान द्वारा राजस्व विभाग से संबंधित समस्या बताने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
  • ऊधमसिंह नगर के नजम खान तथा अल्मोड़ा के नंदन सिंह ने भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायतों के संतोषजनक समाधान पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विभिन्न विभागों के सचिव, अपर सचिव, विभागाध्यक्ष तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button