राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से जुड़े मामलों पर डीएम सख्त, 15 दिन में सर्वे, स्लोप ट्रीटमेंट और अधूरे कार्य पूरे करने के निर्देश
जनप्रतिनिधियों और प्रभावित ग्रामीणों की शिकायतों पर हुई विस्तृत समीक्षा, बीआरओ को समयबद्ध कार्रवाई के आदेश

नई टिहरी, 07 अगस्त(उत्तराखंड नेशन): राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से जुड़े लंबित प्रकरणों और सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में विभिन्न गांवों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों और प्रभावित नागरिकों की शिकायतों पर विभागवार विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) सहित संबंधित विभागों को प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने और निर्धारित अवधि में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। जिन मामलों में आवश्यकता हो, वहां पुलिस प्रशासन का सहयोग लेकर कार्यों को समय पर पूरा कराया जाए, ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।
ग्राम कुनेर में दरारों और भूस्खलन के खतरे पर 15 दिन में सर्वे के निर्देश
बैठक में ग्राम कुनेर (तहसील कंडीसौड़) की ग्राम प्रधान रवीना देवी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के चौड़ीकरण के दौरान गांव के नीचे की गई कटिंग से कई भवनों में दरारें आ गई हैं और पूरा गांव खतरे की जद में है। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यदायी संस्था ने आधी-अधूरी कटिंग के बाद काम बंद कर दिया है।
इस पर जिलाधिकारी ने बीआरओ को निर्देश दिए कि 15 दिनों के भीतर स्थल का सर्वे कराया जाए तथा कार्यदायी संस्था धरमराज कंस्ट्रक्शन से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में स्लोप ट्रीटमेंट का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए।
भूमि अधिक अधिग्रहण के मामले की होगी जांच
ग्राम कैच्छू निवासी अतर सिंह ने शिकायत की कि सड़क निर्माण के दौरान उनकी आवश्यकता से अधिक भूमि का उपयोग किया गया है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नीलू चावला को ग्रामीण के साथ बैठक कर मौके का निरीक्षण करने तथा विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त होने पर निरीक्षण के आदेश
विकासखंड थौलधार के नवागांव निवासी रविन्द्र सिंह भण्डारी ने बताया कि ग्राम कौशल में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मुख्य संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है और उसकी समुचित मरम्मत नहीं की गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा दीवार टूटने से खेतों को नुकसान, प्रतिकर भुगतान के निर्देश
ग्राम बौर निवासी नत्थी सिंह ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से खेत, फसल और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा, लेकिन अब तक प्रतिकर नहीं मिला है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मंज्यूड में क्षतिग्रस्त भवनों और भूमि का होगा संयुक्त डैमेज असेसमेंट
ग्राम मंज्यूड की ग्राम प्रधान रानी नेगी ने सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित भूमि और भवनों के मुआवजे का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को अब तक प्रतिकर नहीं मिला है।
इस पर जिलाधिकारी ने भू-वैज्ञानिक, बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग चंबा के अधिशासी अभियंता को शामिल करते हुए संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति को क्षति का आकलन (डैमेज असेसमेंट) कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए।
गुल्डी में सड़क सुरक्षा के लिए रंबल स्ट्रिप्स और स्पीड ब्रेकर लगेंगे
ग्राम गुल्डी की नीलम सजवाण ने सड़क चौड़ीकरण के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर रंबल स्ट्रिप्स, स्पीड ब्रेकर और सड़क के मध्य डिवाइडर स्टड लगाने की मांग रखी। इस पर बीआरओ अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि यह कार्य आगामी 15 दिनों के भीतर पूरा कर दिया जाएगा।
स्यासू में अधूरा कलवर्ट और सुरक्षा दीवार जल्द होगी पूरी
तहसील कंडीसौड़ के ग्राम स्यासू निवासी गोबर सिंह रावत ने बताया कि उनके मकान के ऊपर बनने वाला कलवर्ट, नाला और सुरक्षा दीवार एक वर्ष से अधिक समय से अधूरी पड़ी है, जिससे परिवार की सुरक्षा खतरे में है।
जिलाधिकारी ने बीआरओ को 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने तथा एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अन्य मामलों पर भी हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में बेतालू (ग्राम नकोट), नत्थी सिंह (ग्राम बौर), अनीश उनियाल (ग्राम कंडीखाल), रेखा देवी (ग्राम दिखोलगांव), धीरज सिंह बिष्ट (ग्राम थरवालगांव), कौर सिंह (ग्राम लवारखा) तथा दौलत सिंह सजवाण (पुरानी टिहरी रोड, चंबा) सहित अन्य प्रभावित नागरिकों के प्रकरणों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश लखेड़ा, बीआरओ के कमांडर राजकिशोर, सुमित वर्मा, के.सी. नौटियाल, एसएलओ कार्यालय के बीना तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



