उत्तराखंडकांवड़ यात्राटिहरी गढ़वाल

टिहरी पुलिस ने जीता श्रद्धालुओं का विश्वास, सकुशल संपन्न हुआ कांवड़ मेला-2026

एसएसपी श्वेता चौबे की कुशल रणनीति और जवानों की दिन-रात मुस्तैदी से सफल रहा 12 दिवसीय कांवड़ मेला

96 बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाया, मुनिकीरेती में ‘जीरो डूबने’ का लक्ष्य हासिल—68 CCTV, ड्रोन, QRT और BDS ने संभाली सुरक्षा की कमान

 

टिहरी गढ़वाल, 11 अगस्त(दिलीप शर्मा): श्रावण मास की आस्था और शिवभक्ति से सराबोर कांवड़ मेला-2026 जनपद टिहरी गढ़वाल में शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो गया। लाखों श्रद्धालुओं की भारी आमद, हजारों वाहनों के दबाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टिहरी पुलिस ने जिस दक्षता, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था संभाली, वह पुलिसिंग की एक उल्लेखनीय मिसाल बनकर सामने आई है।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के कुशल नेतृत्व एवं निरंतर मार्गदर्शन में टिहरी पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने मेला प्रारंभ होने से लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी तक ग्राउंड जीरो पर मोर्चा संभाले रखा। पुलिस की मुस्तैदी का परिणाम रहा कि विशाल कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात, रेस्क्यू, खोया-पाया, सत्यापन और निगरानी जैसी व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से संचालित हुईं।

लाखों श्रद्धालुओं और हजारों वाहनों का सुरक्षित संचालन

कांवड़ यात्रा के दौरान टिहरी जनपद के प्रमुख मार्गों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।

  • नरेंद्रनगर–चंबा–छाम मार्ग से गंगोत्री धाम की ओर — 73,594 श्रद्धालु
  • तपोवन–देवप्रयाग–कीर्तिनगर मार्ग से केदारनाथ/बद्रीनाथ की ओर — 98,924 श्रद्धालु
  • ढालवाला–भद्रकाली–तपोवन–गरुड़चट्टी मार्ग से नीलकंठ महादेव मंदिर की ओर — 46,09,124 श्रद्धालु

इसी अवधि में—

  • गंगोत्री मार्ग पर 15,528 वाहन
  • देवप्रयाग मार्ग पर 43,598 वाहन
  • नीलकंठ मार्ग पर 6,36,961 वाहन

का सुरक्षित एवं सुचारु संचालन सुनिश्चित किया गया।

श्रद्धालुओं की संख्या और यातायात के अत्यधिक दबाव के बावजूद पुलिस ने प्रभावी ट्रैफिक प्लानिंग और फील्ड मैनेजमेंट के जरिए व्यवस्था को नियंत्रण में रखा।

04 सुपर जोन, 12 जोन और 16 सेक्टर से संभाली गई सुरक्षा व्यवस्था

कांवड़ मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए टिहरी पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्लान तैयार किया। प्रारंभिक रूप से 04 सुपर जोन, 12 जोन और 16 सेक्टर बनाए गए थे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और यातायात के दबाव को देखते हुए आवश्यकता के अनुसार 05 अतिरिक्त जोन और 06 नए सेक्टर भी गठित किए गए।

इसके अतिरिक्त—

12 पार्किंग जोन और 07 मोबाइल पुलिस पार्टियां लगातार सक्रिय रहीं।

चंबा–छाम और देवप्रयाग–कीर्तिनगर मार्गों पर श्रद्धालुओं के बढ़ते दबाव के दौरान अतिरिक्त जोन एवं सेक्टर व्यवस्था को सक्रिय कर यातायात और सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत किया गया।

68 CCTV कैमरों और ड्रोन से तीसरी आंख की निगरानी

टिहरी पुलिस ने परंपरागत पुलिसिंग के साथ आधुनिक तकनीक का भी प्रभावी इस्तेमाल किया।

मेला क्षेत्र में 68 CCTV कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की गई। संवेदनशील स्थानों पर QRT, पुलिस, SDRF और BDS टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया।

BDS टीम द्वारा लगातार चेकिंग कर संभावित सुरक्षा खतरों की रोकथाम सुनिश्चित की गई। तकनीक और मानव संसाधन के बेहतर समन्वय ने सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय मजबूती प्रदान की।

खोया-पाया केंद्र बने बिछड़े परिवारों के लिए उम्मीद की किरण

कांवड़ मेला-2026 में टिहरी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल भी की। पहली बार 05 खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए।

पुलिस नेटवर्क, CCTV और अन्य माध्यमों की सहायता से 96 बिछड़े व्यक्तियों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, को सकुशल उनके परिजनों से मिलाया गया

खोया-पाया केंद्र केवल पुलिस व्यवस्था का हिस्सा नहीं रहे, बल्कि मेले में बिछड़े परिवारों के लिए भरोसे और उम्मीद के केंद्र बनकर सामने आए।

मुनिकीरेती में ‘जीरो डूबने’ का संकल्प हुआ साकार

कांवड़ यात्रा की तैयारियों के दौरान मुनिकीरेती क्षेत्र में ‘जीरो डूबने’ का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए टिहरी पुलिस और SDRF की टीमों ने लगातार पैदल एवं वाहन गश्त की।

घाटों पर सतत निगरानी, पुलिस बल की तैनाती और लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान के लिए जागरूक किया गया।

पुलिस और SDRF के इन अथक प्रयासों का परिणाम रहा कि मुनिकीरेती क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान डूबने से कोई जनहानि नहीं हुई और ‘जीरो डूबने’ का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया

यह उपलब्धि टिहरी पुलिस की सतर्कता, SDRF के समन्वय और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

आपात स्थिति में तत्काल मदद, रेस्क्यू में भी आगे रही पुलिस

कांवड़ मेले के दौरान सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में टिहरी पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं।

आवश्यकतानुसार घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया तथा संकट में फंसे श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई।

पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने यह संदेश दिया कि मेले में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय सहायता और जीवन सुरक्षा भी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रही

ऑपरेशन क्लीन से लेकर सत्यापन और फायर सेफ्टी तक विशेष अभियान

मेले के दौरान ऑपरेशन क्लीन के तहत अतिक्रमण, अवैध गतिविधियों और अव्यवस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

होटल, धर्मशाला, ढाबों, किरायेदारों एवं संदिग्ध व्यक्तियों का सघन सत्यापन अभियान चलाया गया। वहीं विभिन्न प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी ऑडिट कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया।

सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ने अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और अवांछित गतिविधियों पर लगातार नजर रखी, जिससे मेले के दौरान सूचना तंत्र भी मजबूत बना रहा।

SPO जवानों ने भी संभाली जिम्मेदारी, पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर किया काम

कांवड़ मेला-2026 की सफलता में SPO जवानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। SPO जवानों ने पुलिस बल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विभिन्न ड्यूटी प्वाइंटों पर यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सहायता में जिम्मेदारी निभाई।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और विपरीत मौसम के बावजूद SPO जवानों ने पूरी तत्परता और अनुशासन के साथ अपनी ड्यूटी निभाई।

एसएसपी श्वेता चौबे ने पूरी टीम को दी बधाई

कांवड़ मेला-2026 के सफल एवं सकुशल संपन्न होने पर एसएसपी श्वेता चौबे ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों, पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी, रिक्रूट आरक्षियों, SDRF, BDS एवं सहयोगी बलों को बधाई दी।

उन्होंने SPO जवानों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

एसएसपी ने कहा कि कांवड़ मेला केवल पुलिस की ड्यूटी नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और जनविश्वास की परीक्षा भी है। टिहरी पुलिस के प्रत्येक जवान ने कठिन परिस्थितियों में पूरी निष्ठा, संयम और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।

उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस बल, SPO और सहयोगियों का सम्मान

कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने के उपलक्ष्य में विपरीत मौसम और कठिन परिस्थितियों में लगातार ड्यूटी करने वाले पुलिस बल, SPO जवानों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया।

यह सम्मान केवल बेहतर ड्यूटी के लिए नहीं, बल्कि उन सभी कर्मियों के समर्पण को सम्मान देने का अवसर भी रहा, जिन्होंने दिन-रात सड़क, घाट, पार्किंग, यातायात प्वाइंट और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभाई।

भद्रकाली चौकी में विशाल भंडारा, सेवा और आस्था का दिखा संगम

कांवड़ मेला-2026 के शांतिपूर्ण एवं सफल समापन के अवसर पर भद्रकाली चौकी परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

भंडारे में पुलिस कार्मिकों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन ने पुलिसिंग के उस मानवीय पक्ष को भी सामने रखा, जिसमें कानून-व्यवस्था के साथ सेवा, सहयोग और आस्था का भाव भी जुड़ा हुआ है।

टिहरी पुलिस की उपलब्धि—सिर्फ मेला संपन्न कराना नहीं, श्रद्धालुओं का भरोसा जीतना

कांवड़ मेला-2026 के दौरान टिहरी पुलिस ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने का कार्य नहीं किया, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी माना

कहीं बिछड़े लोगों को उनके परिवार से मिलाया गया, कहीं संकट में फंसे श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता दी गई, कहीं दुर्घटनाओं में पुलिस पहली मददगार बनी और कहीं यातायात व्यवस्था को संभालकर लाखों श्रद्धालुओं की राह आसान की गई।

एसएसपी श्वेता चौबे की रणनीतिक नेतृत्व क्षमता, पुलिस जवानों की दिन-रात मेहनत, SPO का सहयोग, SDRF एवं अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक और प्रभावी यातायात प्रबंधन ने कांवड़ मेला-2026 को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

टिहरी पुलिस की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, टीम समर्पित हो और उद्देश्य जनसेवा हो, तो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी सफलता में बदला जा सकता है।

टिहरी पुलिस का संदेश

“वर्दी केवल कानून लागू करने की पहचान नहीं,बल्कि जरूरत के समय सहारा बनने का भरोसा भी है।”

टिहरी पुलिस का संकल्प

“सेवा भी, सुरक्षा भी…                                          सख्ती भी, संवेदनशीलता भी।”

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