



पौड़ी/श्रीनगर, 23 सितंबर(दिलीप शर्मा): उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की ओर से राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के सभागार में स्टॉकिंग एवं साइबर स्टॉकिंग की रोकथाम को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और महिलाओं को साइबर अपराधों, कानूनी प्रावधानों, बचाव के उपायों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं की जानकारी दी गई।

आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर स्टॉकिंग महिलाओं के लिए गंभीर चुनौती बन रही है। उन्होंने सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सतर्कता बरतने और किसी भी तरह के साइबर अपराध की स्थिति में बिना भय के शिकायत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आयोग महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है।

तकनीकी एवं कानूनी सत्र में विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया अकाउंट निजी रखने, अनजान लिंक व एपीके फाइल डाउनलोड न करने, सार्वजनिक रूप से लोकेशन साझा न करने और ऑनलाइन भुगतान के लिए अधिकृत वेबसाइटों का ही उपयोग करने की सलाह दी। पुलिस उप निरीक्षक सुषमा उनियाल ने स्टॉकिंग से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए साइबर अपराध की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन और एनसीआरबी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने महिलाओं की सुरक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी बताया, जबकि महापौर आरती भंडारी ने तकनीक के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर दिया। मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ डॉ. श्वेता कृष्णा, अधिवक्ता लक्ष्मी और साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार ने भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी, सदस्य दर्शनी पवार, विजया रावत, बत्सला सती, कुलसचिव प्रो. वाई.पी. रेवानी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, स्थानीय महिलाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।





