



ऋषिकेश, 27 सितंबर(दिलीप शर्मा):72 श्री गंगेश्वर घाट पर मां गंगा की आराधना करने पहुंचीं यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की डीजीएम श्रीमती मीना शर्मा ने विश्व शांति, मानवता की एकता, प्रकृति संरक्षण और समस्त विश्व के मंगल की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा ने सदैव संपूर्ण विश्व को शांति और मानव कल्याण का संदेश दिया है।

श्रीमती मीना शर्मा ने कहा कि “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण की जीवन-दृष्टि है। भारतीय संस्कृति में प्रार्थना केवल स्वयं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के साथ समस्त सृष्टि के सुख, शांति और मंगल की कामना करती है।

मां गंगा के पावन तट पर आयोजित आराधना के दौरान उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों, संस्कृतियों और भाषाओं से आए साधकों का एक साथ गंगा तट पर बैठना भारत की उस शाश्वत परंपरा का प्रतीक है, जो विविधताओं के बीच एकता और प्रेम का संदेश देती है। भाषाएं और संस्कृतियां भले ही अलग-अलग हों, लेकिन शांति और प्रेम की आकांक्षा सार्वभौमिक है।
उन्होंने कहा कि विश्व में शांति स्थापित करने की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। व्यक्ति को अपने भीतर के द्वेष को प्रेम में, अशांति को ध्यान में, अहंकार को विनम्रता में तथा विभाजन की भावना को एकत्व में बदलने का प्रयास करना चाहिए। शांति किसी बाहरी स्थान पर खोजने की वस्तु नहीं, बल्कि अपने भीतर जागृत की जाने वाली चेतना है।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे स्वयं में शांति और सद्भाव की भावना विकसित करें तथा उसे समाज और विश्व तक पहुंचाने का प्रयास करें। उन्होंने प्रकृति संरक्षण को भी मानव जीवन और विश्व कल्याण से जोड़ते हुए पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर रमेश शर्मा, कुलदीप सिंह, विवेक पुरी सहित अधिकारीगण तथा योगेश कालड़ा, प्रिंस मनचंदा, हरीश आनंद, अमित गांधी, अनिल शर्मा, अर्चित मोदी, सुधीर कालड़ा, मोहित गुप्ता, राहुल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।





