रामलीला के दूसरे दिन राम-सीता जन्म से लेकर ताड़का वध तक की लीलाओं का मंचन
अयोध्या में श्रीराम जन्म और मिथिला में माता सीता के प्राकट्य से भक्तिमय हुआ वातावरण, विश्वामित्र, सुबाहु वध और अहिल्या उद्धार की लीलाओं ने मोहा मन




मुनिकीरेती/टिहरी(दिलीप शर्मा): माँ गंगा रामलीला समिति (रजि.), चौदह बीघा, मुनिकीरेती की ओर से आयोजित पंचम भव्य श्री रामलीला मंचन के दूसरे दिन भगवान श्रीराम जन्म, माता सीता जन्म, विश्वामित्र लीला, ताड़का वध, सुबाहु वध और अहिल्या उद्धार का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों का सजीव चित्रण कर दर्शकों को भावविभोर किया। प्रभु श्रीराम के जन्म की लीला के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के संरक्षक महंत मनोज प्रपन्नाचार्य के सानिध्य में मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने गणेश वंदना के साथ किया। इस अवसर पर पालिका के बोर्ड सदस्य, प्रेस क्लब अध्यक्ष संजय बडोला और उनकी टीम भी मौजूद रही।
रामलीला के दौरान अयोध्या में प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव और मिथिला में माता सीता के प्राकट्य का भावपूर्ण मंचन किया गया। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र के साथ वन गमन के प्रसंग में भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का और सुबाहु का वध कर ऋषि-मुनियों को भयमुक्त करने की लीला दिखाई गई। वहीं, अहिल्या उद्धार के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
इन प्रसंगों के माध्यम से कलाकारों ने धर्म की रक्षा, सत्य, साहस, मर्यादा और भक्ति का संदेश दिया। रामलीला देखने पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंचन का आनंद लिया।
समिति पदाधिकारियों का रहा सहयोग
आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष संदीप परमार, मुख्य सलाहकार देवेंद्र दत्त जोशी, अध्यात्म गुरु दिनेश सेमल्टी, सलाहकार मनोज मलासी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उनियाल, उपाध्यक्ष प्रदीप सकलानी, महासचिव अनिल बडोनी, सचिव डॉ. मनीष भट्ट, कोषाध्यक्ष जितेंद्र उनियाल, संगठन मंत्री संजय पांजा, विधि सलाहकार विकास उपाध्याय और मंत्री गंगा रावत सहित समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।





