जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण के जागरों से गूंजा कुंजापुरी मेला, स्थानीय बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
नौ दिवसीय महोत्सव का रंगारंग समापन, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने 4.76 करोड़ रुपये के पांच विकास कार्यों का किया लोकार्पण




- ‘लोकल नाइट’ में बच्चों ने लोकनृत्य, गायन और वादन से बिखेरी प्रतिभा की चमक, उत्कृष्ट खिलाड़ियों को किया सम्मानित
टिहरी गढ़वाल,(दिलीप शर्मा): उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था के प्रतीक 50वें राष्ट्रीय सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का नौ दिवसीय आयोजन मंगलवार को भव्य, गरिमामय और हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरत्वाण के नाम रही। उनके पारंपरिक जागरों और लोकगीतों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। वहीं, उनके कार्यक्रम के बाद आयोजित ‘लोकल नाइट’ में क्षेत्र के स्थानीय स्कूली बच्चों और उभरते कलाकारों ने नृत्य, गायन और वादन की शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।

मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विधिवत रूप से नौ दिवसीय महोत्सव के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को विकास की सौगात देते हुए कुल 476.15 लाख रुपये यानी लगभग 4.76 करोड़ रुपये की लागत वाले पांच विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया।

आपसी सहयोग और समर्पण से सफल होते हैं बड़े आयोजन : सुबोध उनियाल
समापन समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन केवल धन के बल पर सफल नहीं होता, बल्कि इसके लिए सभी का आपसी तालमेल, समर्पण और सहयोग जरूरी है। समाज के प्रत्येक वर्ग का निःस्वार्थ योगदान ही किसी मेले को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करता है।
उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए मेला समिति, प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी ने टीम भावना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया, जिससे नौ दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

4.76 करोड़ रुपये के पांच विकास कार्यों का लोकार्पण
सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के समापन अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से 476.15 लाख रुपये की लागत वाले पांच विकास कार्यों का लोकार्पण किया। समारोह के दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, दीप प्रज्वलित किया और मां कुंजापुरी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इन विकास कार्यों को क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रीतम भरत्वाण के जागरों पर झूमे दर्शक
मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री सम्मानित जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप के बीच उन्होंने मां नंदा के पौराणिक जागरों और लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति दी।
उनकी गायकी और उत्तराखंड की लोक परंपराओं से जुड़ी प्रस्तुतियों ने रामलीला मैदान में मौजूद हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंडाल में देर तक लोक संस्कृति की गूंज सुनाई देती रही और दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकार का उत्साहवर्धन किया।
‘लोकल नाइट’ में स्थानीय बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण की प्रस्तुति के बाद आयोजित विशेष ‘लोकल नाइट’ मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के स्कूली बच्चों और उभरते बाल कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
नन्हे कलाकारों ने उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों पर मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किए। वहीं, स्थानीय बच्चों ने सुरीली आवाज में लोकगीत गाकर और विभिन्न वाद्य यंत्रों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
बच्चों की प्रस्तुतियों में स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और नई पीढ़ी की रचनात्मकता का सुंदर संगम देखने को मिला। दर्शकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साह बढ़ाया। मुख्य अतिथि और मेला समिति की ओर से प्रतिभावान बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
मेले के दौरान आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। खेल समिति की देखरेख में कबड्डी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स सहित विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल ने विजेता टीमों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
मेला समिति के समन्वय से सफल हुआ आयोजन
50वें राष्ट्रीय कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पवार सहित समिति के पदाधिकारियों और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न संचालन समितियों के बीच बेहतर समन्वय के चलते सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्थाओं के सहयोग से नौ दिवसीय मेला शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। मेले ने एक बार फिर उत्तराखंड की लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था, खेल प्रतिभाओं और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी।





