उत्तराखंडऋषिकेश

बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण: जनता के हितों के लिए लगातार प्रयासरत हैं विधायक डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल

संघर्ष समिति के सदस्यों और भाजपा पदाधिकारियों ने कैंप कार्यालय में की मुलाकात, प्रकरण के समाधान को लेकर हुई चर्चा

ऋषिकेश,(दिलीप शर्मा): ऋषिकेश के बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण को लेकर संघर्ष समिति के सदस्यों एवं भाजपा पदाधिकारियों ने मंगलवार को ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल से उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान वन भूमि प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विधायक ने कहा कि वह इस मामले को लेकर शुरू से ही अधिकारियों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संपर्क में हैं तथा क्षेत्रीय जनता के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

 

डॉ. अग्रवाल ने उपस्थित सदस्यों एवं पदाधिकारियों को बताया कि बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण को लेकर उन्होंने प्रारंभ से ही गंभीरता के साथ पहल की है। इस संबंध में अधिकारियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के साथ ही मुख्यमंत्री से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने इस प्रकरण में सकारात्मक रुख अपनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय जनता के हितों से जुड़ा यह महत्वपूर्ण विषय उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके समाधान के लिए उनके प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की बात कही

मुलाकात के दौरान पार्षद हर्षवर्धन रावत, सुरेंद्र सिंह, गोविंद सिंह रावत सहित अन्य लोगों ने भी क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों पर विधायक डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल की सक्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधायक ने बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण को शुरुआत से ही गंभीरता से लेते हुए जनता के हितों को प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार, इस मामले में विधायक की सक्रिय भूमिका और निरंतर प्रयासों से क्षेत्रवासियों को राहत मिली है तथा उन्हें उजड़ने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा है।

कई पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा, राम प्रसाद थपलियाल, राजेश चमोली, दिनेश शर्मा सहित संघर्ष समिति के सदस्य, पार्टी पदाधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण के समाधान को लेकर आगे भी निरंतर प्रयास जारी रखने पर जोर दिया गया।

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