ताइक्वांडो के दांव-पेच में चमके नौनिहाल, आत्मरक्षा के हुनर से हासिल की नई पहचान
सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने किया ग्रेडिंग सेमिनार का शुभारंभ, डीकेजी स्कूल ने मारी बाजी; 300 से अधिक विद्यालयों में दिया जा रहा ताइक्वांडो प्रशिक्षण




टिहरी गढ़वाल(दिलीप शर्मा): देवभूमि आईटीएफयू ताइक्वांडो एसोसिएशन के तत्वावधान में रविवार को बच्चों के लिए सेवन ग्रेडिंग एवं ब्लैक बेल्ट सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान आयोजित ग्रेडिंग परीक्षा में बच्चों ने अपनी शारीरिक दक्षता, आत्मरक्षा कौशल और ताइक्वांडो की विभिन्न तकनीकों का शानदार प्रदर्शन कर प्रतिभा का परिचय दिया।

ग्रेडिंग परीक्षा के दौरान प्रतिभागियों की फाइट के साथ साक्षात्कार भी लिया गया। बच्चों ने विभिन्न तकनीकी विधाओं का प्रदर्शन करते हुए अपनी तैयारी और कौशल का परिचय दिया। हरियाणा से पहुंची टीम के प्रतिभागियों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई। इस दौरान सातवीं कक्षा की ब्लैक बेल्ट खिलाड़ी नैंसी और चंबा की कक्षा 12वीं की छात्रा शालिनी श्रीस्वाल का प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने सफल प्रतिभागियों को ग्रीन एवं येलो बेल्ट प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सेमिनार में एनटीआईएस, सेंट एंथनी पब्लिक स्कूल, किंडर गार्डन स्कूल आमपाटा, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय और राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर डीकेजी स्कूल ने प्रथम, आमपाटा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय ने द्वितीय तथा हरियाणा स्टेट टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया।
इस अवसर पर हरियाणा से आई खिलाड़ी नैंसी और शालिनी श्रीस्वाल ने कहा कि शिक्षकों एवं अभिभावकों के सहयोग से वे शिक्षा के साथ-साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का ज्ञान विशेष रूप से बालिकाओं के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को इसके गुर सीखने चाहिए।
एसोसिएशन के निदेशक अशोक कुमार राठौर एवं सचिव अनुष्का खनका ने बताया कि जनपद के 300 से अधिक विद्यालयों में बच्चों को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना और उनमें आत्मविश्वास एवं आत्मरक्षा की भावना विकसित करना है।
कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज रानीचौरी के प्रधानाचार्य दिवाकर अंथवाल ने बच्चों को प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। वहीं मानवाधिकार आयोग के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह नेगी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर बच्चों के अभिभावक, प्रशिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




