नई दिल्ली

विकसित भारत समिट-2025 में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का ओजस्वी संदेश: “न्याय, प्रकृति और नदियों के लिए भी हो”

समिट में प्रकृति न्याय, जल संरक्षण और नदियों की स्वच्छता पर हुआ सारगर्भित संवाद

नई दिल्ली/ऋषिकेश, 17 जुलाई 2025 – विकसित भारत समिट-2025 के उद्घाटन समारोह में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटील और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से उनकी महत्वपूर्ण भेंटवार्ता हुई।

बैठक में यमुना को प्रदूषण मुक्त करने, दोनों तटों पर जड़दार पौधों के रोपण, जल संरक्षण तथा नदियों को प्लास्टिक से मुक्त करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
स्वामी जी ने कहा, “न्याय केवल मानव के लिए नहीं, बल्कि नदियों, वनों और वायुमंडल के लिए भी होना चाहिए। नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, हमारी संस्कृति और आस्था की जीवनरेखा हैं।”

समिट के उद्घाटन के दौरान सभी विशिष्ट अतिथियों ने स्वामी जी के पावन सान्निध्य में दीप प्रज्वलित किया और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
केंद्रीय मंत्री पाटील ने कहा, “नदियाँ हमारी सभ्यता और भावी पीढ़ियों की धरोहर हैं। इन्हें प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करना सामाजिक न्याय का विषय है।”

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी माननीयों को परमार्थ निकेतन की गंगा आरती में सम्मिलित होने का निमंत्रण भी दिया।

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