
ऋषिकेश, 23 फरवरी (दिलीप शर्मा): सेवा सिक्योरिटी सर्विस के माध्यम से State Disaster Response Force Uttarakhand (एसडीआरएफ) द्वारा ऋषिकेश के मुनि की रेती स्थित Lemon Tree Hotel Rishikesh में होटल कर्मचारियों के लिए आपदा प्रबंधन एवं अग्नि सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य होटल स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, सुरक्षित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करना था, ताकि किसी भी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

प्राथमिक उपचार से लेकर रेस्क्यू तकनीक तक दी गई विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार (First Aid), सीपीआर (CPR), गला चोकिंग की स्थिति में बचाव के उपाय, अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने की विधि, घायलों को सुरक्षित रूप से उठाने व स्थानांतरित करने की तकनीक सहित विभिन्न जीवन रक्षक उपायों की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों तथा होटल परिसर में आग लगने की स्थिति में मेहमानों एवं स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया गया।

इवैक्यूएशन और रेस्क्यू प्रक्रिया का कराया गया व्यावहारिक अभ्यास
एसडीआरएफ टीम द्वारा होटल परिसर में आपात स्थिति के दौरान इवैक्यूएशन ड्रिल, मूविंग एवं लिफ्टिंग तकनीक तथा रेस्क्यू प्रक्रिया से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी कराया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न परिस्थितियों का अभ्यास किया।
होटल प्रबंधन ने जताया आभार
प्रशिक्षण कार्यक्रम में होटल प्रबंधन की ओर से जनरल मैनेजर अमित कुमार, सिक्योरिटी मैनेजर भूपाल सिंह, एफ एंड बी मैनेजर आशीष तथा चीफ इंजीनियर पवन सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
होटल स्टाफ ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया तथा प्रश्न पूछकर सत्र को और अधिक प्रभावी बनाया। होटल प्रबंधन एवं कर्मचारियों ने एसडीआरएफ टीम के कार्य अनुभव और प्रशिक्षण शैली की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रशिक्षण टीम
एसडीआरएफ टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर श्री कविंद्र सजवाण ने किया। उनके साथ टीम सदस्य मातबर सिंह, सुमित नेगी, पंकज, नितेश खेतवाल एवं अमित कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से होटल कर्मचारियों में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की व्यावहारिक समझ विकसित किया गया।









