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समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली से कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव संभव: डॉ. अमित सहरावत

एम्स ऋषिकेश में कोलन कैंसर जागरूकता माह के तहत कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने बताए लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

ऋषिकेश (दिलीप शर्मा): बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के चलते देश में कोलोरेक्टल (बड़ी आंत व मलाशय) कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो अब युवाओं में भी देखने को मिल रही है।

एम्स ऋषिकेश के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग द्वारा कोलन कैंसर जागरूकता माह के तहत ओपीडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सह आचार्य डॉ. अमित सहरावत ने बताया कि फास्टफूड, रेड मीट, धूम्रपान, शराब, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि शुरुआती चरण में लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन मल त्याग की आदतों में बदलाव, मल में खून, पेट दर्द, अचानक वजन घटना और कमजोरी जैसे संकेत नजर आ सकते हैं। समय पर कोलोनोस्कोपी, सीटी स्कैन और अन्य जांचों से इसकी पहचान संभव है।

कार्यक्रम में सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और रेडिएशन जैसी उपचार विधियों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्क्रीनिंग को बचाव के लिए जरूरी बताया।

एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. मीनू सिंह ने इसे “साइलेंट किलर” बताते हुए समय पर जांच कराने की अपील की। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने जागरूकता बढ़ाने और पूरे वर्ष अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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