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परमार्थ निकेतन में आध्यात्मिक माहौल, स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने दिया आत्मशुद्धि और अनुशासन का संदेश

नवरात्रि: संयम, साधना और आत्मचिंतन का पावन पर्व - स्वामी चिदानंद 

ऋषिकेश (दिलीप शर्मा): ऋषिकेश में नवरात्रि पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्रि के अवसर पर परमार्थ निकेतन में विशेष पूजा-अर्चना, यज्ञ, भजन-कीर्तन, योग और ध्यान कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गंगा तट पर होने वाली दिव्य आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि नवरात्रि केवल बाहरी अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संयम और साधना का अवसर है। उन्होंने बताया कि उपवास का वास्तविक अर्थ मन के विकारों—क्रोध, अहंकार, लोभ और द्वेष—से दूरी बनाना है।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नवरात्रि के संदेश को अपनाकर अनुशासित और संतुलित जीवनशैली विकसित करें। नौ दिनों का यह पर्व आत्मशक्ति को पहचानने और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर प्रदान करता

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