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शिक्षा के मंदिर में अनैतिक गतिविधियों पर महिला आयोग सख्त

स्कूल परिसरों के आसपास शराब दुकानों और संदिग्ध केंद्रों की जांच के निर्देश, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

देहरादून (दिलीप शर्मा): उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने देहरादून के एक प्रतिष्ठित स्कूल परिसर में कथित देह व्यापार (सेक्स रैकेट) संचालित होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस घटना को समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की बात कही है।

“शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा”

महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने जिलाधिकारी देहरादून को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्थान को समाज “शिक्षा का मंदिर” मानता है, वहां इस प्रकार की अनैतिक गतिविधियों का सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस रैकेट से जुड़े किसी भी आरोपी या गिरोह के सदस्य को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा तथा उनके खिलाफ संवैधानिक प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्कूलों के आसपास चलेगा विशेष चेकिंग अभियान

आयोग ने प्रशासन को निर्देशित किया है कि जनपद के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के आसपास व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जाए। विशेष रूप से स्कूल परिसरों के पास संचालित मदिरा की दुकानों, नशे की सामग्री बेचने वाले केंद्रों और अन्य संदिग्ध ठिकानों की जांच के आदेश दिए गए हैं। आयोग का कहना है कि ऐसे केंद्र युवा पीढ़ी को गलत दिशा में धकेलने का माध्यम बन सकते हैं।

अभिभावकों से बच्चों पर नजर रखने की अपील

अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अभिभावकों से भी बच्चों की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को यह जानकारी होनी चाहिए कि उनके बच्चे किन लोगों के संपर्क में हैं और अपना समय कहां व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन की सख्ती और अभिभावकों की जागरूकता से ही युवा पीढ़ी को अपराध और अनैतिक गतिविधियों से बचाया जा सकता है तथा शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनाए रखी जा सकती है।

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