
ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) : एम्स ऋषिकेश के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की ओर से वर्ल्ड प्लास्टिक सर्जरी डे के अवसर पर माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी वर्कशॉप आयोजित की गई। कार्यशाला में फैकल्टी सदस्यों, प्लास्टिक सर्जरी रेजिडेंट्स एवं सर्जिकल ट्रेनीज़ ने भाग लिया।

वर्कशॉप में प्रतिभागियों को माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी की आधुनिक तकनीकों एवं माइक्रोवैस्कुलर एनास्टोमोसिस का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने जटिल चोटों, कैंसर के बाद रिकंस्ट्रक्शन, अंग बचाने तथा अंगों की कार्यक्षमता बहाल करने में माइक्रोसर्जरी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि एम्स निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह ने कहा कि माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी ने रिकंस्ट्रक्टिव प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उन्होंने बेहतर उपचार परिणामों के लिए नियमित वर्कशॉप एवं सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण को आवश्यक बताया।
विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विशाल मागो ने चेहरे एवं पैरों की जटिल समस्याओं के उपचार में माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी के महत्व पर जोर देते हुए भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करने की बात कही। कार्यक्रम में डीन एकेडमिक्स प्रो. (डॉ.) सौरभ वार्ष्णेय, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्य श्री सहित विभागीय फैकल्टी मौजूद रहे।



