सड़क हादसों की रोकथाम और त्वरित सहायता पर टिहरी पुलिस को प्रशिक्षण
IRAD/eDAR के डिजिटल डेटा प्रबंधन और PM-RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण, ‘गोल्डन ऑवर’ में कैशलेस इलाज सुनिश्चित करने पर जोर




टिहरी गढ़वाल,05 अक्टूबर(दिलीप शर्मा): सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम, हादसों के वैज्ञानिक विश्लेषण और दुर्घटना पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद टिहरी गढ़वाल में पुलिस कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के दिशा-निर्देशन में पुलिस लाइन में आयोजित प्रशिक्षण में IRAD/eDAR डिजिटल प्रणाली और PM-RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पुलिस कर्मियों को विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान DRM iRAD रविंद्र सिंह चौहान ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को Integrated Road Accident Database (IRAD) पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित सूचनाओं और जांच रिपोर्ट को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने से दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण करने तथा भविष्य में हादसों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने में मदद मिलेगी।

विभिन्न विभागों के बीच डिजिटल समन्वय होगा मजबूत
IRAD पोर्टल के माध्यम से पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग को आपस में जोड़ा गया है। इसके जरिए सड़क की स्थिति और रोड एजेंसी से संबंधित जांच, दुर्घटनाग्रस्त वाहन की जांच, पीड़ित के पोस्टमार्टम, ड्रंक एंड ड्राइव से संबंधित जांच तथा अस्पताल की डिस्चार्ज रिपोर्ट सहित विभिन्न सूचनाओं का डिजिटल आदान-प्रदान किया जा सकता है।
प्रशिक्षण में पुलिस कर्मियों को दुर्घटना से संबंधित सभी आवश्यक आंकड़ों को समयबद्ध तरीके से IRAD पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल डेटा के बेहतर प्रबंधन से दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान करने और संवेदनशील दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।
‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज शुरू कराने पर विशेष जोर
प्रशिक्षण का एक प्रमुख विषय PM-RAHAT योजना रहा। पुलिस कर्मियों को सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को हादसे के बाद के महत्वपूर्ण ‘गोल्डन ऑवर’ में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और कैशलेस उपचार की प्रक्रिया में पुलिस की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
बताया गया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पात्र पीड़ित को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। दुर्घटना के तुरंत बाद बिना अग्रिम भुगतान के उपचार शुरू होने से पीड़ित और उसके परिजनों को आर्थिक संकट से राहत मिलती है।
eDAR और TMS 2.0 से तेज होगी उपचार प्रक्रिया
प्रशिक्षण में बताया गया कि दुर्घटना के मामलों में पुलिस और अस्पतालों के बीच eDAR (Electronic Detailed Accident Report) तथा TMS 2.0 (Transaction Management System) के माध्यम से डिजिटल समन्वय स्थापित किया जाता है। इससे पुलिस सत्यापन और उपचार संबंधी प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
योजना के तहत अस्पतालों को उपचार की निर्धारित राशि Motor Vehicle Accident Fund के माध्यम से सीधे उपलब्ध कराई जाती है। इससे सड़क दुर्घटना के पीड़ित परिवारों पर उपचार का तत्काल आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि IRAD/eDAR जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं और PM-RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटना के मामलों में त्वरित कार्रवाई, बेहतर विभागीय समन्वय और पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। साथ ही दुर्घटनाओं के आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण में SI राजेंद्र कुमार, सुनील कुमार, विनय शर्मा, SI सुषमा रावत, ASI महाबीर सिंह रावत, दीपक सिंह पंवार, साक्षी रावत, प्रियंका देवी, कांस्टेबल कल्पना चौहान और बबीता डोभाल सहित अन्य पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।





