उत्तराखंडटिहरी गढ़वाल

जल जीवन मिशन की प्रगति पर डीएम की सख्ती, पेयजल स्रोतों की सुरक्षा के दिए निर्देश

1,259 में से 1,252 जल योजनाएं पूर्ण, जल संस्थान की 1,039 योजनाएं भी पूरी; सीवरेज-पेयजल लाइनों के इंटरसेक्शन पर विशेष निगरानी के निर्देश

नई टिहरी, 08 अक्टूबर(दिलीप शर्मा): जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने अधिकारियों को योजनाओं की गुणवत्ता और पेयजल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जल जीवन मिशन, हर घर फंक्शनल टैप कनेक्शन (FHTC) और सीवरेज व्यवस्थाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में अधिशासी अभियंता जल संस्थान प्रशांत भारद्वाज ने जनपद में संचालित 9 फंक्शनल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की जानकारी दी। साथ ही विभिन्न योजनाओं तथा हर घर फंक्शनल टैप कनेक्शन की शाखावार प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।

1,259 में से 1,252 योजनाएं पूर्ण

जल जीवन मिशन की भौतिक प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जल निगम द्वारा स्वीकृत कुल 1,259 योजनाओं में से 1,252 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि सात योजनाओं पर कार्य जारी है। वहीं जल संस्थान द्वारा संचालित कुल 1,047 योजनाओं में से 1,039 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लंबित योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ ही योजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

सीवरेज और पेयजल लाइनों के इंटरसेक्शन पर निगरानी

पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में सीवरेज लाइन एवं पेयजल पाइपलाइन के संभावित इंटरसेक्शन अथवा लीकेज को लेकर किए गए फील्ड सर्वे की भी समीक्षा की गई। संबंधित डिवीजनों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि जिन स्थानों पर पेयजल एवं सीवरेज लाइनों के इंटरसेक्शन की संभावना थी, वहां आवश्यकता के अनुसार लाइन शिफ्टिंग का कार्य किया गया है। घनसाली और चमियाला में लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि देवप्रयाग और नई टिहरी में कुछ प्रकरण अभी लंबित हैं।

नरेंद्र नगर में निर्माणधीन सीवरेज कार्य पर डीएम ने जताई सतर्कता 

नरेंद्रनगर में चल रहे सीवरेज कार्य को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीवरेज लाइन और पेयजल लाइन के बीच पर्याप्त दूरी अभी से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान बरती गई लापरवाही भविष्य में पेयजल स्रोतों के दूषित होने का कारण बन सकती है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को ठेकेदार को भी स्पष्ट रूप से आवश्यक दिशा-निर्देश देने तथा निर्माण कार्य के दौरान मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

गांव स्तर तक पेयजल स्रोतों की सुरक्षा पर जोर

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि किसी भी स्तर पर पेयजल स्रोतों के दूषित होने की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए केवल विभागीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि ग्राम स्तर पर भी विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।

उन्होंने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण एवं आवश्यक फील्ड सर्वे करने तथा पेयजल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम के.एन. सेमवाल ने जल जीवन मिशन की प्रगति एवं हर घर जल योजना की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, अधीक्षण अभियंता जल निगम विनय कुमार जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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