कोटी कॉलोनी में तीसरे वाटर स्कीइंग कोर्स का समापन, 22 प्रतिभागियों को मिले प्रमाण-पत्र
आईआईएसएम गुलमर्ग के तत्वावधान में आयोजित हुआ कोर्स, देशभर के 26 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा; युवाओं को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित




टिहरी गढ़वाल, 9 अक्टूबर(दिलीप शर्मा): टिहरी झील के कोटी कॉलोनी क्षेत्र में भारतीय स्कीइंग एवं पर्वतारोहण संस्थान (आईआईएसएम), गुलमर्ग की ओर से आयोजित तीसरे वाटर स्कीइंग कोर्स का शुक्रवार को विधिवत समापन हो गया। पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित संस्थान के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से आए 26 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 21 युवक और पांच युवतियां शामिल थीं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वाटर स्कीइंग के विभिन्न स्तरों की जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 22 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफियां प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रधानाचार्य ने प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफियां देकर किया सम्मानित
समापन समारोह में आईआईएसएम गुलमर्ग के प्रधानाचार्य कर्नल ईश्वर सिंह थापा, एसएम, वीएसएम, एमआईडी ने सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफियां वितरित कीं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि साहसिक खेलों के क्षेत्र में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ ही साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में करियर बनाने के अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को भविष्य में इस क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने कौशल का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
तीन स्तरों पर दिया गया वाटर स्कीइंग का प्रशिक्षण
संस्थान की ओर से इस वर्ष कुल तीन वाटर स्कीइंग कोर्स आयोजित किए गए। कोटी कॉलोनी में संपन्न हुआ यह तीसरा और अंतिम कोर्स था। इसमें बेसिक, इंटरमीडिएट और एडवांस स्तर के प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया।
कोर्स में शामिल 26 प्रतिभागियों में से 22 ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को वाटर स्कीइंग के विभिन्न स्तरों से संबंधित कौशल विकसित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य साहसिक खेलों के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें इस क्षेत्र में दक्ष बनाना भी रहा।
साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर संस्थान का जोर
समापन अवसर पर प्रधानाचार्य कर्नल ईश्वर सिंह थापा ने कहा कि भारतीय स्कीइंग एवं पर्वतारोहण संस्थान, गुलमर्ग देश में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्थान की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को साहसिक गतिविधियों से जोड़ने और उनकी क्षमताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
टिहरी झील जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर वाटर स्कीइंग प्रशिक्षण का आयोजन साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही युवाओं को नए अवसरों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
समापन समारोह में कोर्स इंचार्ज प्रवीन सिंह रांगर, अरविन्द राट्टूरी, शवीर भट्ट और खलील सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिल्ली से देवांश, यश, श्रीजन और बरखा, राजस्थान से राहुल, गजेंद्र और प्रशांत, मध्य प्रदेश से सहजल, प्रतीक और अंबिकेश, महाराष्ट्र से राहिल, कर्नाटक से कृष्ण, हिमाचल प्रदेश से पंकज, हरियाणा से हिमांशु, मलकीत और विक्रम तथा जम्मू-कश्मीर से राही और सलीम सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के समापन पर सफल प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और उन्हें साहसिक खेलों के क्षेत्र में निरंतर अभ्यास करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।






