उत्तराखंडटिहरी गढ़वालमुनि की रेती

मुनिकीरेती-ढालवाला के 14 बीघा में 11 अक्टूबर से होगा भव्य रामलीला मंचन, 20 अक्टूबर को रावण दहन के साथ होगा समापन

गणेश वंदना के साथ होगा रामलीला का शुभारंभ, गढ़वाल के प्रसिद्ध कलाकार देंगे शानदार प्रस्तुतियां; लोक संस्कृति, चौपाई, भजन और हास्य कार्यक्रम रहेंगे आकर्षण का केंद्र

मुनिकीरेती/टिहरी(दिलीप शर्मा): धर्मनगरी ऋषिकेश के मुनिकीरेती-ढालवाला मे 14 बीघा स्थित रामलीला मैदान में मां गंगा रामलीला समिति की ओर से 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक भव्य रामलीला का आयोजन किया जाएगा। दस दिवसीय रामलीला मंचन को लेकर समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन के दौरान भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। गढ़वाल के लोक प्रसिद्ध रामलीला कलाकारों एवं संगीतकारों की प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी। वहीं, स्थानीय कलाकारों की हास्य प्रस्तुतियां, रामायण की चौपाइयां और भजन कार्यक्रम आयोजन को धार्मिक एवं सांस्कृतिक रंग प्रदान करेंगे।

मां गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप परमार एवं महासचिव अनिल बडोनी ने बताया कि रामलीला का शुभारंभ 11 अक्टूबर को विधिवत गणेश वंदना के साथ किया जाएगा। इसके बाद रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन शुरू होगा। आयोजन के माध्यम से दर्शकों को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा और धर्म की विजय से जुड़े प्रसंगों को देखने का अवसर मिलेगा।

रावण तप, कैलाश और श्रवण लीला का होगा मंचन

समिति पदाधिकारियों के अनुसार, रामलीला के शुरुआती चरण में रावण तप लीला, कैलाश लीला और श्रवण लीला सहित विभिन्न धार्मिक एवं पौराणिक प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। कलाकार अपनी अभिनय कला और संवादों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगे। मंचन के दौरान पारंपरिक शैली, संगीत और संवादों का विशेष समन्वय देखने को मिलेगा।

समिति का प्रयास है कि रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराया जाए। साथ ही, स्थानीय लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी मिले।

गढ़वाल के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां बढ़ाएंगी आयोजन की रौनक

रामलीला में गढ़वाल के लोक प्रसिद्ध रामलीला कलाकारों एवं संगीतकारों द्वारा शानदार प्रस्तुतियां दी जाएंगी। कलाकारों की अभिनय क्षमता, पारंपरिक संगीत और प्रभावशाली संवाद रामलीला को विशेष आकर्षण प्रदान करेंगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों की हास्य प्रस्तुतियां दर्शकों का मनोरंजन करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान रामायण की चौपाइयों और भजनों की प्रस्तुतियां भी होंगी, जिससे रामलीला मैदान में भक्तिमय वातावरण बनेगा। धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और मनोरंजन का संगम इस आयोजन को खास बनाएगा।

20 अक्टूबर को शाम चार बजे होगा रावण दहन

रामलीला के समापन दिवस 20 अक्टूबर को मुख्य आकर्षण रावण दहन रहेगा। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि रामलीला मैदान में शाम चार बजे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इस दौरान बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया जाएगा।

रावण दहन के उपरांत भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक, तिलक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के साथ ही दस दिवसीय रामलीला का विधिवत समापन होगा।

तैयारियों में जुटी समिति, सदस्यों ने संभाली जिम्मेदारियां

रामलीला के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर मां गंगा रामलीला समिति के पदाधिकारी और सदस्य तैयारियों में जुटे हुए हैं। मंचन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि आयोजन के दौरान दर्शकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

समिति अध्यक्ष संदीप परमार एवं महासचिव अनिल बडोनी ने बताया कि रामलीला धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का भी प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से समाज में मर्यादा, सदाचार और आपसी सौहार्द की भावना को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर प्रदीप सकलानी, जितेंद्र उनियाल, मनोज मालासी, दिनेश भट्ट, संजय पंजा, विकास उपाध्याय सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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