मुख्यमंत्री धामी ने किया मां कुंजापुरी मेले की स्वर्ण जयंती का शुभारंभ
ध्वजारोहण के साथ नौ दिवसीय मेले का आगाज, टिहरी में पर्यटन और विकास योजनाओं को दी गति; रंगारंग झांकियों ने बिखेरी लोक संस्कृति की छटा




नरेंद्रनगर, 11 अक्टूबर(दिलीप शर्मा): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नरेंद्रनगर स्थित सामुदायिक मैदान में 50वें मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मेले में निकाली गई आकर्षक झांकियों का अवलोकन किया। साथ ही विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और योजनाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मेले की स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 1974 से आयोजित हो रहा यह मेला पांच दशकों से धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को संजोने का कार्य कर रहा है। समय के साथ इस आयोजन ने राज्यस्तरीय पहचान बनाई है और अब यह पर्यटन, व्यापार तथा क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
धार्मिक पर्यटन से बढ़ रहे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, बदरीनाथ-केदारनाथ क्षेत्र में विकास कार्यों और मानसखंड मंदिरों के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन पहलों से उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। चारधाम यात्रा में भी श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पलायन रोकने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। होमस्टे योजना, दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास योजना, एक जनपद-दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन और फार्म मशीनरी बैंक जैसी योजनाओं से स्थानीय उत्पादों, कृषि और पर्यटन को प्रोत्साहन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पहाड़ की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की बढ़ती मांग से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से रोजगार बढ़ने और रिवर्स पलायन को प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।


पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, सशक्त भू-कानून और नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई, ऑपरेशन कालनेमि और मदरसा बोर्ड को समाप्त करने के निर्णय का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के साथ जनसुविधाओं और विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना है।
टिहरी झील के चारों ओर बनेगी रिंग रोड और पर्यटन मार्ग
जनपद में संचालित विकास कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। नरेंद्रनगर क्षेत्र में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय, सभागार निर्माण और गजा अस्पताल के उच्चीकरण सहित विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना भी विकास योजनाओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने से स्थानीय लोगों को भी लाभ पहुंचेगा।
छोलिया नृत्य से महिषासुर मर्दिनी तक, झांकियों में दिखी संस्कृति की झलक
मेले के उद्घाटन अवसर पर विभिन्न विद्यालयों और सांस्कृतिक दलों ने आकर्षक झांकियां प्रस्तुत कीं। बैंड की धुनों के साथ छोलिया नृत्य ने दर्शकों का ध्यान खींचा। झांकियों में गाड़ू गड़ा तेल, महिषासुर मर्दिनी, भारत की गौरवशाली बेटियां, प्रह्लाद की भक्ति पर आधारित नरसिंह अवतार, सूर्य नमस्कार, माखन होली और मां कुंजापुरी सहित विभिन्न विषयों को शामिल किया गया।
इसके अलावा बदलता नरेंद्रनगर एवं बढ़ता नरेंद्रनगर और कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक जागरूकता और विकास के संदेश दिए गए। प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं और स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। अतिथियों का स्वागत करने के साथ उन्हें बैज अलंकरण, स्मृति चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
सुबोध उनियाल ने बताया क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक
वन एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मेले की स्वर्ण जयंती पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती द्वारा शुरू किया गया यह आयोजन जनसहभागिता के कारण आज बड़े राज्यस्तरीय मेले का रूप ले चुका है। इससे लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ खेल और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट एवं पदों के सृजन और सीवर लाइन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मेले के संस्थापक एवं तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती ने आयोजन की पांच दशक लंबी यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने इसके विस्तार में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और आयोजन समिति के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार ने कहा कि मेले की स्वर्ण जयंती क्षेत्रवासियों के लिए गौरव का अवसर है। यह आयोजन स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देने के साथ क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देता है।
19 अक्टूबर तक चलेंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं
11 से 19 अक्टूबर तक आयोजित इस नौ दिवसीय राज्यस्तरीय मेले में खेलकूद प्रतियोगिताओं, विद्यालय स्तर की विभिन्न स्पर्धाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
मेले में पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट, संगीता ढौंडियाल, मीना राणा, किशन महिपाल, नरेंद्र सिंह नेगी, पांडवाज बैंड, सुदेश लहरी, राजीव ठाकुर और सुनंदा शर्मा सहित कई प्रसिद्ध कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। समापन अवसर पर पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण जागर गायन प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।





