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119 बार रक्तदान कर चुके सुशील छाबड़ा को मुख्यमंत्री धामी ने किया सम्मानित

26 वर्षों से रक्तदान के जरिए कर रहे मानव सेवा, प्रदेश की 35 प्रमुख हस्तियों में मिला स्थान; ऋषिकेश की डॉ. नीरजा गोयल भी सम्मानित

ऋषिकेश (दिलीप शर्मा): रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और समाजसेवा के लिए ऋषिकेश के सुशील छाबड़ा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिष्ठित ‘शाइनिंग स्टार अवार्ड’ से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित समारोह में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 35 हस्तियों एवं प्रभावशाली व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। सुशील छाबड़ा पिछले 26 वर्षों से निरंतर रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। वह अब तक 119 बार रक्तदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश कर चुके हैं।

सुशील छाबड़ा का यह योगदान समाज में सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना को मजबूत करने के साथ ही लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनके इसी सेवाभाव और लंबे समय से किए जा रहे सामाजिक कार्यों को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया।

समारोह में ऋषिकेश की डॉ. नीरजा गोयल को भी उनके सामाजिक एवं मानवीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इनके अलावा सौरभ जोशी, तनु रावत, पवनदीप राजन, चारू सेमवाल और आशा नेगी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली अन्य हस्तियों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मान को बताया 26 वर्षों की सेवा यात्रा का प्रतिफल

सम्मान प्राप्त करने के बाद सुशील छाबड़ा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अपने सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनकी 26 वर्षों की रक्तदान यात्रा में सहयोग और प्रोत्साहन देने वाले सभी लोगों का भी सम्मान है। उन्होंने विशेष रूप से लायंस क्लब और रक्तमित्र परिवार का आभार जताते हुए कहा कि इनसे मिले सहयोग और प्रेरणा ने उन्हें जरूरतमंदों की सेवा के लिए निरंतर आगे बढ़ने का हौसला दिया।

रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना ही उद्देश्य

सुशील छाबड़ा ने कहा कि यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि भविष्य में और अधिक जिम्मेदारी के साथ समाजसेवा करने की प्रेरणा भी है। वह आगे भी जरूरतमंदों की सहायता करने, लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने और अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जोड़ने के लिए प्रयासरत रहेंगे।

उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल रक्त देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को जीवन की नई उम्मीद देने का माध्यम है। उनका मानना है कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान के महत्व को समझते हुए इस मानवीय कार्य में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए, ताकि जरूरत के समय मरीजों को रक्त उपलब्ध हो सके और अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सके।

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