उत्तराखंडएम्स ऋषिकेश

एम्स ऋषिकेश में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

ऋषिकेश, 08 सितम्बर – अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर पर विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष की थीम “Nourishment for Stronger Lungs” पर आधारित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य फेफड़ों की सेहत और संतुलित आहार के महत्व को आमजन तक पहुंचाना रहा।

एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह के मार्गदर्शन और पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश सिंधवानी के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यक्रमों के दौरान विशेषज्ञों ने फेफड़ों को स्वस्थ रखने से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं। डॉ. सिंधवानी ने कहा कि अच्छा पोषण केवल ऊर्जा ही नहीं देता बल्कि यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है। संतुलित आहार को जीवनशैली का हिस्सा बनाना दीर्घकालीन स्वास्थ्य निवेश है।

सप्ताहव्यापी गतिविधियों के अंतर्गत ओपीडी में मरीजों को जागरूक करने के लिए सत्र आयोजित किए गए। इसमें पीएचडी शोधार्थी गंगा मिश्रा ने मरीजों को स्वस्थ आदतें अपनाने और फेफड़ों के लिए लाभकारी आहार विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इसी क्रम में नर्सिंग स्टाफ के लिए क्विज़ और शैक्षिक सत्र भी हुए, जिनमें “फेफड़ों के स्वास्थ्य में पोषण और कसरत की भूमिका” विषय पर पीएचडी शोधार्थी गंगा मिश्रा और फिजियोथेरेपिस्ट अंशु अरोड़ा ने प्रशिक्षण दिया। क्विज़ में विजयी तीन प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

विभाग की ओर से शैक्षिक वीडियो भी जारी किए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक फेफड़ों के स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंच सके।

कार्यक्रम आयोजकों ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अंतर्गत आयोजित इस पहल का मुख्य उद्देश्य मरीजों, नर्सिंग स्टाफ और आम जनमानस को यह संदेश देना है कि उचित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर फेफड़ों की सेहत को सुरक्षित व सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

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