
ऋषिकेश, (दिलीप शर्मा): हरिद्वार रोड स्थित जय राम आश्रम में ज्योतिष महाकुंभ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन काशी ज्योतिष संस्थान, रामनगर (वाराणसी) द्वारा किया गया। महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों से आए ज्योतिषाचार्यों, विद्वानों और साधकों ने भाग लेकर ज्योतिष विद्या के समक्ष उपस्थित चुनौतियों एवं उनके समाधान पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम संस्थापक डॉ. आचार्य अंजन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात ज्योतिषाचार्य डॉ. एच. एस. रावत उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ज्योतिष के लिए “ग्रहण काल” जैसा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिना ज्ञान और प्रमाणिकता के बनाए जा रहे वीडियो, रील्स एवं व्यावसायिक ऐप्स पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लाइक और व्यूज की होड़ में ज्योतिष के महत्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे समाज में भ्रम फैल रहा है, जो अत्यंत घातक है। उन्होंने ऐसे प्रयासों का कड़ा विरोध करते हुए ज्योतिष की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

ज्योतिष केवल भविष्यवाणी नहीं, जीवन मार्गदर्शन का माध्यम
महाकुंभ के विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने आधुनिक दौर में ज्योतिष के वैज्ञानिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ज्योतिष केवल भविष्य कथन की विद्या नहीं है, बल्कि यह जीवन को दिशा देने वाला सशक्त मार्गदर्शन माध्यम है। डिजिटल युग में ज्योतिष के प्रमाणिक प्रचार-प्रसार, शोध और अध्ययन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
गौरतलब है कि इससे पूर्व ऐसे तीन सफल आयोजन वाराणसी और प्रयागराज में संपन्न हो चुके हैं, जबकि यह चौथा महाकुंभ ऋषिकेश की पावन भूमि पर आयोजित किया गया।
विशिष्ट अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में राममूर्ति, सरबजीत दल, संजय कुमार सिंह एवं गुरुमाता चेतना सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे। आयोजन समिति की ओर से सचिव श्रीमो भट्टाचार्या एवं अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
अन्य प्रमुख आयोजकों में मनील जैसवाल, सौरभ कुमार, राम नारायण मौर्य, अनिल सेठ, विभूति नारायण तिवारी और मनीष जी सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे।
त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती के साथ समापन
महाकुंभ के समापन अवसर पर सभी ज्योतिषाचार्यों ने त्रिवेणी घाट पर आयोजित गंगा आरती में सहभागिता कर माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया। आध्यात्मिक वातावरण के बीच कार्यक्रम का समापन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।









