अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सवउत्तराखंडऋषिकेश

अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 से विश्व शांति का संदेश, परमार्थ निकेतन में जुटे 80 से अधिक देशों के योग साधक

1200 से अधिक योग जिज्ञासुओं और योगाचार्यों की सहभागिता, 150 से अधिक योग विधाओं का होगा अभ्यास; 13 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और 14 मार्च को राज्यपाल गुरमीत सिंह रहेंगे उपस्थित

ऋषिकेश, 9 मार्च (दिलीप शर्मा): विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 के आयोजन को लेकर परमार्थ निकेतन पूरी तरह से तैयार है। इस महोत्सव के माध्यम से विश्व शांति, मानवता, करुणा और संवाद का संदेश दिया जा रहा है। महोत्सव में दुनिया के 80 से अधिक देशों से 1200 से अधिक योग जिज्ञासु, योगाचार्य और आध्यात्मिक साधक भाग ले रहे हैं।

महोत्सव में 30 से अधिक देशों के लगभग 30 राष्ट्राध्यक्षों, उच्चायुक्तों और राजदूतों की गरिमामयी उपस्थिति भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को 150 से अधिक योग विधाओं का अभ्यास और अनुभव कराया जाएगा।

मध्य पूर्व में शांति की स्थापना और वैश्विक सद्भाव के लिए योग महोत्सव में शामिल योग साधकों और आध्यात्मिक गुरुओं ने सामूहिक रूप से विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान यह संदेश दिया गया कि योग, प्रेम और एकता ही स्थायी शांति की मजबूत आधारशिला हैं। प्रतिभागियों ने मानवता, करुणा और संवाद के मार्ग को अपनाने का संकल्प भी लिया।

परमार्थ निकेतन की साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि ऋषिकेश वह पावन भूमि है जहाँ हजारों वर्षों से ऋषि, मुनि और संत साधना के लिए आते रहे हैं। यहाँ आयोजित इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल में प्रतिभागियों को केवल योग शिक्षकों से ही नहीं बल्कि माँ गंगा और हिमालय की दिव्य ऊर्जा का भी अनुभव प्राप्त होता है। यही आध्यात्मिक स्पर्श और आत्मिक परिवर्तन का संगम दुनिया भर के लोगों को ऋषिकेश की ओर आकर्षित करता है।

उन्होंने कहा कि यह वही पवित्र भूमि है जहाँ सदियों से ऋषि-मुनियों की तपश्चर्या ने मानवता को मार्ग दिखाया है। यदि साधक इस आध्यात्मिक ऊर्जा और सनातन ज्ञान को अपने जीवन में आत्मसात कर लें तो वे न केवल स्वयं के भीतर शांति और संतुलन का अनुभव करेंगे बल्कि एक समरस और जाग्रत विश्व के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

महोत्सव में युवाओं और बच्चों के लिए भी विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी को योग और भारतीय संस्कृति से जोड़ा जा सके।

संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर, विश्वविख्यात ड्रम वादक ड्रम्स शिवमणि, गायिका रूना रिजवी तथा राधिका दास एंड फ्रेंड्स द्वारा भक्ति और आध्यात्मिक प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी, जोम होत्सव को और अधिक दिव्य और प्रेरणादायी बनाएंगी।

महोत्सव के प्रमुख आयोजनों में 13 मार्च को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा 14 मार्च को राज्यपाल गुरमीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति भी शामिल है।

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