उत्तराखंडदेहरादून

देहरादून में गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण, अनियमितता पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश

डीएम सविन बंसल के निर्देश पर प्रशासन की कार्रवाई; उपभोक्ताओं से ओटीपी साझा न करने की अपील, अस्पतालों में गैस की पर्याप्त उपलब्धता

देहरादून, 14 मार्च (दिलीप शर्मा): जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने तथा गैस की कालाबाजारी पर नियंत्रण के उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारियों ने गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि ने अमरदीप गैस एजेंसी और सत्यशील गैस एजेंसी का निरीक्षण कर वितरण व्यवस्था, उपभोक्ता मांग, बैकलॉग और उपलब्ध स्टॉक की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गैस लेने पहुंचे उपभोक्ताओं की समस्याएं भी सुनीं और कई मामलों का मौके पर समाधान किया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है।

ओटीपी फोन पर साझा न करने की अपील
नगर मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए कहा कि गैस डिलिवरी से संबंधित ओटीपी नंबर किसी भी व्यक्ति को फोन पर साझा न करें। डिलिवरी मैन को ओटीपी केवल होम डिलिवरी के समय ही दिया जाए। साथ ही एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल होम डिलिवरी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए और एजेंसी परिसर में उपभोक्ताओं की जागरूकता के लिए बड़े फ्लेक्सी बोर्ड लगाए जाएं। उपभोक्ताओं के साथ विनम्र व्यवहार करने के भी निर्देश दिए गए।

शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
अमरदीप गैस एजेंसी के निरीक्षण के दौरान कई उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई। उपभोक्ता अरुण खरबंदा (बड़ोवाला) और जितेंद्र अरोड़ा (आशुतोष नगर, अमृत विहार) ने बताया कि डिलिवरी मैन ने फोन पर ओटीपी नंबर मांगा और ओटीपी देने के बाद गैस डिलिवरी का मैसेज तो प्राप्त हुआ, लेकिन वास्तविक रूप से सिलेंडर नहीं मिला।

इसी प्रकार खुड़बुड़ा निवासी पंकज ठाकुर ने बताया कि उनके खाते में 6 फरवरी को गैस डिलिवरी दर्शाई गई, जबकि उन्हें सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ। वहीं सेलाकुई के बहादुर रोड निवासी रविंद्र ने शिकायत की कि 3 मार्च को गैस डिलिवरी दिख रही है, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला और अब नई बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव बताई जा रही है।
इन शिकायतों के संबंध में जब गैस एजेंसी के सुपरवाइजर से जानकारी ली गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर नगर मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी ने पूर्ति निरीक्षक को संबंधित सुपरवाइजर और डिलिवरी मैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

अस्पतालों में गैस की कमी की शिकायतों पर बैठक
दून और जिला चिकित्सालय की मैस में गैस सिलेंडर की कमी को लेकर विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने और समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके तहत नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और उप जिलाधिकारी सदर ने मुख्य चिकित्साधिकारी, दून मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और जिला पूर्ति अधिकारी के साथ बैठक की।

बैठक में बताया गया कि चिकित्सालयों में खपत के अनुसार पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। दून मेडिकल कॉलेज में प्रतिमाह 30 सिलेंडर, गांधी शताब्दी चिकित्सालय में 8, जिला चिकित्सालय में 8, इंदिरेश अस्पताल में 12 और चकशाह नगर ट्रेनिंग सेंटर में 8 सिलेंडर की खपत होती है तथा सभी संस्थानों में आवश्यकतानुसार गैस की उपलब्धता बनी हुई है।

बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ. बबली तथा कोरोनेशन अस्पताल से डॉ. नौटियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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