

ऋषिकेश, 26 मार्च(दिलीप शर्मा): दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से श्रद्धालुओं को मंगलमय शुभकामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का विशेष माहौल रहा तथा विश्व शांति के लिए विशेष हवन किया गया।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि नवरात्रि केवल अनुष्ठानों तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और आंतरिक शक्ति को जागृत करने का पर्व है। उन्होंने कन्या पूजन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज में नारी का सम्मान केवल एक दिन नहीं, बल्कि प्रतिदिन होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि दुर्गा अष्टमी का दिन माँ महागौरी की उपासना का प्रतीक है, जो पवित्रता, शांति और करुणा का संदेश देता है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं से अपने भीतर की नकारात्मकता को दूर कर सेवा, प्रेम और सद्भाव के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में माँ दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।










