
ऋषिकेश,(दिलीप शर्मा): चारधाम यात्रा एवं वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर संभावित आतंकी खतरे एवं आपात स्थितियों से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकेश (देहरादून) के निर्देशन में कोतवाली ऋषिकेश, जीआरपी ऋषिकेश एवं आरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
संदिग्धों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई
मॉक ड्रिल के दौरान रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-1 स्थित पुरुष प्रतीक्षालय में दो संदिग्ध व्यक्तियों के छिपे होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश एवं चौकी प्रभारी जीआरपी ऋषिकेश ने तत्काल नगर नियंत्रण कक्ष एवं उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
घटनास्थल पर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता
सूचना के आधार पर पुलिस बल, एटीएस टीम, फायर सर्विस एवं 108 एम्बुलेंस को तत्काल मौके पर भेजा गया। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने क्षेत्र को खाली कराते हुए सुरक्षा घेरा बनाया और आमजन की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी, जिससे किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।
एटीएस द्वारा घेराबंदी व जांच
एटीएस टीम ने सतर्कता के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की घेराबंदी की और उन्हें जीरो प्लेटफार्म स्थित एकांत स्थान पर ले जाकर तलाशी एवं पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई, जिसके बाद दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई हेतु चौकी लाया गया।
समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण
पूरी कार्यवाही एक मॉक ड्रिल के रूप में की गई, जिसका उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया एवं आपातकालीन परिस्थितियों में कार्यक्षमता का परीक्षण करना था।
मॉक ड्रिल में शामिल प्रमुख टीमें:
- प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश मय टीम
- चौकी प्रभारी जीआरपी ऋषिकेश प्रीति सैनी मय फोर्स
- एटीएस प्रभारी सी. राजेंद्र सिंह मय टीम
- एलआईयू ऋषिकेश
- प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ सनोज कुमार मय फोर्स
- फायर ब्रिगेड (एफएसओ) सुनील दत्त तिवारी मय टीम
- 108 एम्बुलेंस सेवा मय टीम
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों ने यह संदेश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार और सतर्क हैं।










