

ऋषिकेश, 3 जून(दिलीप शर्मा): तीर्थनगरी ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक में देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से आए महापौरों ने भाग लिया। इस अवसर पर अतिथियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भारत के शहरी विकास की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा आधुनिक, स्वच्छ और सशक्त शहरों के निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।
बैठक के दौरान कुल ₹29.78 करोड़ की लागत से तैयार एवं प्रस्तावित तीन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ ही नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद जताई गई।
कार्यक्रम में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी क्षेत्रों को सुदृढ़, स्वच्छ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी मिशन तथा प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।

वक्ताओं ने कहा कि आज भारत के शहर केवल विकास के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि नवाचार, सुशासन, डिजिटल प्रबंधन और आत्मनिर्भरता के सशक्त मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। शहरी निकायों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने तथा नगर प्रशासन को जनोन्मुखी बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास, स्वच्छता, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, नगरीय विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। महापौरों एवं जनप्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राम सिंह कैड़ा, ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल सहित विभिन्न राज्यों से आए महापौर, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शहरी विकास के क्षेत्र में राज्यों के बीच समन्वय, अनुभवों के आदान-प्रदान तथा भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर भी व्यापक चर्चा की गई।










