टिहरी झील में धूमधाम से मनाया गया विश्व पर्यटन दिवस, पर्यटन में एआई के उपयोग पर हुआ मंथन
डिजिटल तकनीक से पर्यटन को नई दिशा देने पर जोर, स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण के जरिए दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश




टिहरी, 27 सितंबर(दिलीप शर्मा): विश्व पर्यटन दिवस-2026 के अवसर पर रविवार को टिहरी झील की कोटी कॉलोनी में पर्यटन विभाग एवं विभिन्न संस्थानों के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन विकास, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस की थीम “पर्यटन के पुनर्गठन के लिए डिजिटल कार्यसूची एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता” रही।

कार्यक्रम के दौरान हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के विशेषज्ञों एवं संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने पर्यटन क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटन स्थलों की जानकारी देश-दुनिया तक तेजी से पहुंचाई जा सकती है। डिजिटल माध्यमों और एआई के जरिए पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
पर्यटन की संभावनाओं से कराया परिचित
जिला पर्यटन विकास अधिकारी सोबत सिंह राणा ने जनपद टिहरी गढ़वाल में मौजूद पर्यटन की व्यापक संभावनाओं और विभिन्न पर्यटन गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से टिहरी के पर्यटन स्थलों की पहुंच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाई जा सकती है। साथ ही पर्यटकों को सुविधाजनक एवं बेहतर पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराने में आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पर्यावरण संरक्षण को बताया पर्यटन विकास की आधारशिला
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के कमांडिंग ऑफिसर विपिन मिश्रा ने पर्यटन एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थलों के विकास के लिए सामूहिक सहभागिता को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज एवं स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं के बीच ‘पर्यटन में डिजिटल तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में कु. प्रियंका जोशी ने प्रथम, शुभम तोपवाल ने द्वितीय और निखिल राज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
टिहरी झील और भागीरथी नदी क्षेत्र में चलाया स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम के तहत टिहरी झील एवं भागीरथी नदी क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। नौकाओं के माध्यम से जल क्षेत्र में जमा कूड़ा-करकट और अन्य अपशिष्ट को एकत्र कर तट तक पहुंचाया गया, जिसके बाद उसका उचित निस्तारण किया गया। अभियान के माध्यम से स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को स्वच्छता और जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
इसके साथ ही हरित पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने पौधे रोपकर प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रो. डॉ. विवेक कुमार, डॉ. सुलक्षणा शर्मा, पल्लव असवाल, जल क्रीड़ा निरीक्षक नवीन नेगी, उम्मेद राणा, दरमियान सिंह नेगी, गीता चौहान, लक्ष्मी रावत, मनोज प्रसाद बिजलवान, दर्शन सिंह पवार एवं ममता सजवान सहित पर्यटन विभाग, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, संबंधित संस्थानों के अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।







