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मुख्यमंत्री धामी ने सरस आजीविका मेले में 2.20 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘लखपति दीदी’ योजना बनी प्रेरणा — मुख्यमंत्री

 

मुनिकीरेती/ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को ऋषिकेश में आयोजित “सरस आजीविका मेला” में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सी.एल.एफ. के लिए 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण और 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास किया।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class’ का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से प्रदेश के युवा अब जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अपने गाँव-घर में रहकर कर सकेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने मेले में ग्राम्य विकास विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ के अंतर्गत की गई पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मेला हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट माध्यम है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऐसे मेलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को न केवल बाजार मिलता है, बल्कि ये मेले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को साकार करने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा –

 

“जब हम स्वदेशी उत्पाद खरीदते हैं तो वह सिर्फ एक सामान की खरीद नहीं होती, बल्कि हमारे ग्रामीण कारीगरों, मातृशक्ति और उद्यमियों के सपनों में निवेश होता है।”

मुख्यमंत्री ने स्वदेशी अपनाने के अभियान को और बल देते हुए कहा कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर भारत की नींव स्वदेशी पर रखी है, और यह मेला उसी दिशा में एक सशक्त कदम है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि —

  • ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत अब तक राज्य की 1.65 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति बनने का गौरव प्राप्त कर चुकी हैं
  • ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत महिलाओं ने लगभग 2000 स्टॉल लगाकर 5.5 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार किया है
  • ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से राज्य की महिलाएँ बने हुए उत्पाद अब विश्व के विभिन्न देशों तक पहुंच रहे हैं

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक महिलाएँ जुड़ी हैं, जिनके माध्यम से ग्राम संगठन और क्लस्टर स्तर के संगठन राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार महिला किसानों को सशक्त बनाने के लिए भी निरंतर कार्यरत है। फार्म लाइवलीहुड और महिला किसान सशक्तिकरण योजना के तहत 3 लाख से अधिक महिला किसानों को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही 2.5 लाख एग्रीन्यूट्री गार्डन और किचन गार्डन स्थापित किए गए हैं और 500 फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना की गई है।
इसके अतिरिक्त, 5 हजार से अधिक महिला किसानों को ऑर्गेनिक खेती से भी जोड़ा गया है

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य की मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है, और यह आत्मनिर्भरता इस सरस आजीविका मेले में प्रदर्शित स्टॉलों और उत्पादों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, नगर पालिका मुनिकीरेती अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, मेयर संभू पासवान, विधायक विनोद कंडारी, स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं, ग्रामीण उद्यमी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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