
प्रयागराज, 27 फरवरी (दिलीप शर्मा): तीर्थराज प्रयागराज स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ जी के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की पूर्णाहुति श्रद्धा एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुई। समारोह में स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में संत समाज, शिक्षाविद, न्यायविद, उच्चाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जगन्नाथ धाम पुरी से पधारे प्रमुख आचार्य मधुसूदन जी सहित विभिन्न मठों, अखाड़ों, मंदिरों व आश्रमों के संतों ने सहभागिता की। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और यज्ञ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने ऋषिकन्याओं द्वारा संगम आरती प्रारंभ करने तथा कन्या गुरुकुल खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नारी शिक्षा और संस्कार से ही राष्ट्र सशक्त होगा। गुरुकुल में वेद, संस्कृत, योग, ध्यान, पर्यावरण संरक्षण एवं आधुनिक शिक्षा का समन्वित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने संगम के प्रत्येक घाट पर नियमित आरती एवं साप्ताहिक श्रमदान से स्वच्छता अभियान चलाने का आह्वान किया। “स्वच्छता बाहर और भीतर” का संदेश देते हुए उन्होंने सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और आपसी सद्भाव पर बल दिया।
समारोह के सफल आयोजन पर विभिन्न सहयोगियों एवं संतों का सम्मान भी किया गया।









