गरीब मजदूर के बेटे ने रचा इतिहास: रायबरेली के विमल कुमार बने IAS, माता-पिता को नहीं पता था IAS का मतलब
सेल्फ स्टडी से हासिल की 107वीं रैंक, भट्ठे पर मजदूरी करने वाले पिता के बेटे ने परिवार और गांव का नाम किया रोशन; 958 अभ्यर्थियों ने पास की परीक्षा, राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर

रायबरेली : कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर रायबरेली के विमल कुमार ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 107वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और पूरे गांव का नाम रोशन किया है। साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले विमल की सफलता आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
विमल कुमार के पिता भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद विमल ने हार नहीं मानी और सेल्फ स्टडी के दम पर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।
सबसे भावुक पल तब आया जब रिजल्ट आने के बाद विमल ने अपनी मां को बताया कि वह आईएएस बन गया है। उनकी मां ने मासूमियत से पूछा कि “IAS क्या होता है?” यह सुनकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। अब परिवार को उम्मीद है कि बेटे की इस उपलब्धि से उनकी जिंदगी बदल जाएगी और माता-पिता को मजदूरी नहीं करनी पड़ेगी।
विमल कुमार की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए भी एक मिसाल है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
गौरतलब है कि शुक्रवार, 7 मार्च को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित किया गया। इस परीक्षा में देशभर से कुल 958 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के ग्रुप ‘A’ और ग्रुप ‘B’ पदों के लिए हुआ है। इस वर्ष परीक्षा में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
ऐसे होनहार बेटे विमल कुमार को चारों ओर से शुभकामनाएं और आशीर्वाद मिल रहे हैं।










